प्यार, हत्या फिर सूटकेस में लाश : नवादा से दमन तक फैली कहानी, अब वाराणसी में कैसे हुआ इस हत्याकांड का अंत

Nawada Chhoti Kumari Murder Case: नवादा की छोटी कुमारी की प्रेम कहानी का अंत दमन के एक बंद कमरे में सूटकेस में मिले शव के साथ हुआ. हत्या के बाद फरार आरोपी ऋषभ पहचान छिपाकर मजदूरी कर रहा था. STF ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. जानें नवादा से दमन और फिर आरोपी की गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी.

Nawada Chhoti Kumari Murder Case: नवादा के सिउर गांव की छोटी कुमारी की कहानी प्यार से शुरू हुई, लेकिन उसका अंत एक खौफनाक हत्याकांड के रूप में हुआ. करीब दो साल पहले पति और परिवार को छोड़कर गांव के ही ऋषभ कुमार के साथ चली गई छोटी ने दमन में उसके साथ नई जिंदगी शुरू की थी. किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस रिश्ते के लिए उसने अपना घर-परिवार छोड़ा, वही रिश्ता उसकी मौत की वजह बन जाएगा. दमन के एक किराये के कमरे से जब कई दिनों बाद दुर्गंध उठी, तो बंद कमरे का ताला खुला और सामने आया एक ट्रॉली बैग. बैग खोला गया तो उसमें छोटी कुमारी का शव मिला. इसके बाद हत्या का मामला दर्ज हुआ और आरोपी प्रेमी ऋषभ कुमार फरार हो गया. पुलिस की जांच और सर्विलांस आगे बढ़ी तो आरोपी की तलाश दमन से निकलकर उत्तर प्रदेश तक पहुंची. पहचान छिपाकर मजदूरी कर रहे ऋषभ को अब STF ने गिरफ्तार कर लिया है. आखिर छोटी और ऋषभ की कहानी कहां से शुरू हुई, दमन में क्या हुआ और हत्या के बाद आरोपी कैसे पुलिस की नजर से बचता रहा. आइए पूरी कहानी सिलसिलेवार समझते हैं.

नवादा के सिउर गांव से शुरू हुई कहानी

छोटी कुमारी नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के सिउर गांव की रहने वाली थी. वह मनीष उपाध्याय की बेटी थी. परिवार के अनुसार, छोटी की शादी करीब दो साल पहले हुई थी. उस समय वह पढ़ाई भी कर रही थी. शादी के बाद कुछ समय तक वह अपने पति के साथ रही, लेकिन इसी दौरान गांव के ही रहने वाले ऋषभ कुमार के साथ उसके प्रेम संबंध की बात सामने आई.

धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और छोटी ने अपने वैवाहिक जीवन से अलग होने का फैसला कर लिया. 6 मई 2024 को वह घर से निकली और इसके बाद वापस नहीं लौटी. इसी दौरान ऋषभ के भी गांव से गायब होने की बात सामने आई. परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला.

6 मई 2024 को घर से निकली थी छोटी

परिजनों के मुताबिक, छोटी घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकली थी. शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की. रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला.

जब परिवार को यह जानकारी मिली कि उसी दौरान गांव का ऋषभ कुमार भी गायब है, तो शक गहराने लगा कि छोटी उसके साथ गई है. इसके बाद रोह थाने में मामला दर्ज कराया गया. पुलिस और परिजन अपने स्तर पर छोटी की तलाश करते रहे, लेकिन लंबे समय तक उसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई.

परिवार को उम्मीद थी कि छोटी कहीं सुरक्षित होगी और किसी दिन वापस लौट आएगी. लेकिन करीब दो साल बाद जो खबर सामने आई, उसने पूरे परिवार को हिला दिया.

दमन पहुंचकर किराये के कमरे में रहने लगे थे दोनों

घर छोड़ने के बाद छोटी और ऋषभ बिहार से दूर दादरा एवं नगर हवेली के दमन इलाके में पहुंचे. दोनों वहां एक किराये के कमरे में रहने लगे थे. परिवार से दूर होने के कारण उनके बारे में लंबे समय तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई.

दमन में दोनों की जिंदगी किस तरह चल रही थी और उनके बीच संबंध कैसे थे, इसकी पूरी जानकारी अब पुलिस जुटा रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. इसी विवाद के बाद छोटी की हत्या किए जाने का आरोप ऋषभ पर है.

हालांकि हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, इसको लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस बात को लेकर हुआ था और वारदात के पीछे असली कारण क्या था.

बंद कमरे से उठी दुर्गंध, फिर सामने आया सूटकेस का राज

छोटी की हत्या के बाद उसके शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई. पुलिस के अनुसार, शव को एक बड़े ट्रॉली बैग में रखा गया था. आरोपी ने कमरे से शव बाहर ले जाने की कोशिश की, लेकिन इसमें वह सफल नहीं हो सका.

इसके बाद कमरे में ताला लगाकर आरोपी वहां से फरार हो गया. कई दिनों तक कमरा बंद रहा. इसी दौरान कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी. दुर्गंध बढ़ने पर मकान मालिक को संदेह हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी.

दमन पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का ताला खुलवाया. अंदर तलाशी के दौरान ट्रॉली बैग मिला. जब बैग खोला गया तो उसमें महिला का शव बरामद हुआ. शव की स्थिति देखकर पुलिस ने तत्काल मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी.

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ट्रॉली बैग से हुई छोटी की पहचान

शव बरामद होने के बाद दमन पुलिस ने उसकी पहचान की कोशिश शुरू की. किराये के मकान से मिले दस्तावेज और आधार कार्ड से पुलिस को मृतका की पहचान के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले.

जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मृतका बिहार के नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के सिउर गांव की रहने वाली छोटी कुमारी है. इसके बाद दमन पुलिस ने नवादा पुलिस से संपर्क किया और उसके परिवार को घटना की जानकारी दी.

जिस छोटी को परिवार करीब दो साल से तलाश रहा था, उसकी मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया. परिजन दमन पहुंचे और शव की पहचान तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई.

हत्या के बाद ऋषभ हो गया था फरार

सूटकेस में शव मिलने के बाद पुलिस की जांच सीधे ऋषभ कुमार तक पहुंची. दोनों के बीच पहले से प्रेम संबंध होने और घटना के बाद उसके फरार होने के कारण पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी.

दमन पुलिस ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की. लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान छिपाने का भी प्रयास किया.

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि आरोपी कहां गया है और किस पहचान के साथ रह रहा है. इसी दिशा में तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद ली गई.

पहचान छिपाकर मजदूरी करने लगा था आरोपी

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले. पता चला कि ऋषभ गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और मजदूरी कर रहा था.

सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर जांच टीम उसकी गतिविधियों तक पहुंची. इसके बाद STF और संबंधित पुलिस टीम ने कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके बयान और घटनाक्रम के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है. पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छोटी की हत्या कब हुई, विवाद किस बात को लेकर हुआ और हत्या के बाद शव को सूटकेस में रखने तथा कमरे में छोड़ने के पीछे आरोपी की क्या योजना थी.

अब पूछताछ से खुलेंगे हत्या के कई राज

ऋषभ की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में जांच का सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू हुआ है. पुलिस अब हत्या की वजह के साथ-साथ वारदात से पहले और बाद की पूरी गतिविधियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है.

क्या छोटी और ऋषभ के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. क्या घटना अचानक हुए विवाद के बाद हुई या इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी. हत्या के बाद शव को सूटकेस में क्यों रखा गया. आरोपी कमरे से शव को बाहर क्यों नहीं ले जा सका. और फरार होने के बाद उसने अपनी पहचान क्यों छिपाई. इन सभी सवालों के जवाब आरोपी से पूछताछ और जांच के बाद सामने आ सकते हैं.

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से भी पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है. पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आरोपी के बयान और तकनीकी जांच को आपस में मिलाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है.

दो साल पुराना रिश्ता और हाल की हत्या ने बदल दी पूरी कहानी

छोटी के घर से निकलने की कहानी करीब दो साल पुरानी है, लेकिन उसकी हत्या हाल की घटना है. यही इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू है. दो साल पहले परिवार से दूर हुई छोटी की तलाश आखिरकार एक खौफनाक खबर पर खत्म हुई.

जिस रिश्ते के लिए उसने अपना घर छोड़ा था, उसी रिश्ते के साथी पर अब उसकी हत्या का आरोप है. दमन के बंद कमरे से मिले सूटकेस ने इस कहानी का सबसे खौफनाक अध्याय सामने रखा. इसके बाद फरार आरोपी की तलाश शुरू हुई और पहचान छिपाकर रहने की कोशिश के बावजूद पुलिस की जांच उस तक पहुंच गई.

अब ऋषभ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने इस हत्याकांड की पूरी तस्वीर साफ करने की चुनौती है. हत्या की वजह से लेकर वारदात की पूरी टाइमलाइन तक कई सवालों के जवाब पूछताछ और जांच के बाद सामने आने बाकी हैं. फिलहाल इतना साफ है कि नवादा के एक गांव से शुरू हुई यह प्रेम कहानी दमन में हत्या और सूटकेस में शव तक पहुंची और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ अब इस मामले की जांच एक नए दौर में पहुंच गई है.

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लेखक के बारे में

By विकाश झा

विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.

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