नवादा में युवाओं को स्मार्ट स्टडी, एआइ और लाइफ स्किल्स का मंत्र, करियर को लेकर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन

नवादा में चेतना सोशल लाइब्रेरी में आयोजित कार्यशाला में छात्रों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ करियर, कौशल विकास और जीवन में सही निर्णय लेने के लिए मार्गदर्शन मिला. विशेषज्ञों ने प्रभावी अध्ययन, संवाद कौशल, और तकनीक के सही इस्तेमाल पर जोर दिया.

Nawada Education News: नवादा के गोनावां स्थित चेतना सोशल लाइब्रेरी में शनिवार को ‘शिक्षा, रोजगार और जीवन : सीखना, परीक्षाएं और भविष्य के अवसरों के बीच संतुलन’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गयी. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ करियर, कौशल विकास और जीवन में सही निर्णय लेने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन देना था. कार्यक्रम की शुरुआत संस्था की सचिव चेतना त्रिपाठी ने अतिथियों को पौधा भेंट कर स्वागत करने के साथ की.

प्रभावी अध्ययन और समय प्रबंधन पर दिया जोर

कार्यशाला के पहले सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. कुमार राहुल ने प्रभावी अध्ययन, सही दिशा, समय प्रबंधन और नियमित रिवीजन के तरीकों पर प्रकाश डाला. उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई की बेहतर योजना बनाने और नियमित अभ्यास के महत्व की जानकारी दी.

संवाद कौशल और आत्मविश्वास को बताया जरूरी

दूसरे सत्र में सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी राशिद जमा ने अपने प्रशासनिक अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों से बेहतर संवाद कौशल, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व निर्माण और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की सलाह दी. उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया.

डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल जरूरी

तीसरे सत्र में बिहार पुलिस मुख्यालय के आइजी मनोज कुमार ने ‘शिक्षा से रोजगार और रोजगार से जीवन’ विषय पर विद्यार्थियों से संवाद किया. उन्होंने कहा कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है. युवाओं को कम्युनिकेशन, बेसिक कंप्यूटर, भाषा, टीम वर्क और एआइ टूल्स जैसे व्यावहारिक कौशल भी विकसित करने होंगे.

उन्होंने विद्यार्थियों को करियर का चुनाव दूसरों की नकल के बजाय अपनी रुचि और क्षमता को समझकर करने की सलाह दी. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को प्लान ए के साथ प्लान बी और सी तैयार रखने, मोटिवेशन से ज्यादा डिसिप्लिन पर ध्यान देने और असफलता से सीखने का सुझाव दिया.

स्मार्टफोन और एआइ का सीखने में करें इस्तेमाल

आइजी मनोज कुमार ने तकनीक के सही इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उन्होंने युवाओं से स्मार्टफोन और एआइ का इस्तेमाल भटकाव के बजाय सीखने के साधन के रूप में करने की अपील की. साथ ही अनावश्यक तुलना से बचने, वित्तीय अनुशासन अपनाने, गरिमापूर्ण कार्य का सम्मान करने और जीवन में ईमानदारी बनाए रखने की सीख दी.

विद्यार्थियों ने पूछे सवाल

तीनों सत्रों के बाद प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया. इसमें विद्यार्थियों ने पढ़ाई, करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के अवसरों से जुड़े सवाल पूछे और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया.

कार्यक्रम का मंच संचालन एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के असिस्टेंट प्रोफेसर अजीत कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विकास कुमार ने किया.

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By विशाल कुमार

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