बीमारी से मौत का जिम्मेदार बताकर किया था हमला, सात साल बाद आया कोर्ट का फैसला
गोविंदपुर के कोलगढ़ गांव का मामला, डायन बताकर 50 वर्षीय मंती देवी को उतारा था मौत के घाटएडीजे-11 की अदालत ने आजीवन कारावास के साथ लगाया अर्थदंड
कैप्शन- नवादा व्यवहार न्यायालय.प्रतिनिधि, नवादा सदर
जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2019 में अंधविश्वास के कारण हुई एक महिला की निर्मम हत्या के मामले में गुरुवार को न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया. एडीजे-11 आशुतोष कुमार खेतान की अदालत ने सभी आठ आरोपितों को दोषी करार देते हुए भादवि की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. साथ ही डायन एक्ट के तहत छह माह का कारावास और जुर्माना भी लगाया गया. घटना 23 जुलाई 2019 की है, जब कोलगढ़ गांव निवासी 50 वर्षीय मंती देवी को गांव के ही कुछ लोगों ने डायन बताकर निशाना बनाया था. उन पर आरोप लगाया गया था कि तीन माह पूर्व सुरेश मांझी के पुत्र की बीमारी से हुई मौत की जिम्मेदार वही हैं. इसी प्रतिशोध में हमलावर लाठी-डंडे और धारदार हथियारों के साथ उनके घर में घुस गए और उन्हें चाकू व भाले से लहूलुहान कर दिया. इलाज के लिए नवादा ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी थी.