धान कटनी के लिए नहीं मिल रहे मजदूर, किसान चिंतित

NAWADA NEWS.मजदूरों की कमी ने धान का कटोरा कहे जाने वाला वारिसलीगंज क्षेत्र के किसानों को परेशानियों में डाल दिया है. वैसे तो मजदूरों की कमी से किसान हर वर्ष जुझते रहते हैं, परंतु इस बार स्थिति काफी गंभीर हो गयी है.

प्रतिनिधि, वारसलीगंज मजदूरों की कमी ने धान का कटोरा कहे जाने वाला वारिसलीगंज क्षेत्र के किसानों को परेशानियों में डाल दिया है. वैसे तो मजदूरों की कमी से किसान हर वर्ष जुझते रहते हैं, परंतु इस बार स्थिति काफी गंभीर हो गयी है. इसकी झलक किसानों के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है. गौरतलब है कि धान की रोपनी के समय मजदूरों की कमी नहीं होती है. सुदूरवर्ती राज्यों के ईंट भट्ठे से बरसात के कारण मजदूर अपने पैतृक गांव आ जाते हैं, लेकिन कटनी के पूर्व भट्ठा मालिक रुपये का लालच देकर इन्हें ईंट भट्टे पर जाने को विवश करते हैं. इसके कारण धान कटनी के लिए मजदूर नहीं मिलते हैं. ऐसा माना जाता है कि फसल तैयार होने पर इसकी कटनी जरूरी है. अगर समय पर कटनी नहीं की गयी तो उत्पादन में कमी आ जाती है. साथ ही कटनी देर से होने के कारण रबी फसल को भी नुकसान होता है. नतीजतन किसानों को दोहरा नुकसान होता है.

क्या कहते हैं किसान

किसानों ने बताया कि मजदूरों की कमी ने मेहनत पर पानी फेर दिया है. आंखों के सामने लहलहाते फसल को झूलसते देखना, किसी विपदा से कम नहीं है. किसान दिनेश सिंह का कहना है कि किसानों को धान की फसल का मोह त्याग कर दूसरे फसल मसलन केला, पपीता आदि की खेती पर करने पर ध्यान देना आवश्यक हो गया है.

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By Vishal kumar

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