नवादा रेलवे स्टेशन बना बिना टिकट यात्रियों का अड्डा

चिंताजनक. बिना टिकट यात्रा का बढ़ा चलन, ट्रेनों में भीड़ के बावजूद भारी राजस्व नुकसान

नवादा नगर. नवादा रेलवे स्टेशन इन दिनों बिना टिकट यात्रा का केंद्र बनता जा रहा है. वजह है स्टेशन पर बीते एक महीने से ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (टीटी) की अनुपस्थिति. इससे न सिर्फ रेलवे राजस्व को प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है, बल्कि यात्रियों में भी अनुशासनहीनता बढ़ती जा रही है. रेलवे सूत्रों के अनुसार, सामान्य दिनों में नवादा स्टेशन से 60 से 70 हजार रुपये तक का जेनरल टिकट राजस्व मिलता है. लेकिन जब टीटी की टीम चेकिंग के लिए पहुंचती है, तो यही आंकड़ा एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच जाता है. इससे साफ जाहिर होता है कि बड़ी संख्या में यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं और केवल टीटी के डर से टिकट खरीदते हैं. सावन में भी नहीं बढ़ा टिकट राजस्व इस समय सावन का महीना है और नवादा स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में कांवरियों और तीर्थयात्रियों की भीड़ लगी रहती है. बावजूद इसके, टिकट बिक्री में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है. स्थानीय यात्रियों को यह भली-भांति पता है कि स्टेशन पर टिकट चेकिंग नहीं हो रही, इसलिए बिना टिकट यात्रा करना आसान हो गया है. टीटी के आते ही बुकिंग खिड़की पर उमड़ती भीड़ बुकिंग सुपरवाइजर विमल केरकेट्टा के अनुसार, जैसे ही टीटी टीम के आने की सूचना मिलती है, टिकट खिड़की पर यात्रियों की लंबी कतार लग जाती है. लोग फटाफट टिकट बनवाते हैं ताकि जुर्माने और परेशानी से बच सकें. ऐसा नजारा लाल गाड़ी नामक विशेष चेकिंग ट्रेन के आने पर अक्सर देखने को मिलता है. यह टीम कुछ घंटों के लिए ही नवादा आती है, लेकिन उसी दौरान टिकट बिक्री में दोगुनी वृद्धि हो जाती है. यात्रियों ने भी जताई चिंता राकेश कुमार, जो शेखपुरा जा रहे थे, ने कहा कि जब टीटी नहीं होते, लोग धड़ल्ले से बिना टिकट चढ़ जाते हैं, लेकिन चेकिंग टीम की सूचना मिलते ही हम जैसे लोगों को भी टिकट लेना पड़ता है. सीमा देवी, एक महिला यात्री ने कहा कि हम तो हमेशा टिकट लेते हैं, लेकिन जब सभी बिना टिकट चल रहे हों और कोई चेक करने वाला नहीं हो, तो लगता है हम ही मूर्ख हैं जो नियम का पालन कर रहे हैं. प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि टीटी की नियमित तैनाती की मांग कई बार उच्च अधिकारियों को की गयी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इस प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा रेलवे को हर दिन राजस्व हानि के रूप में भुगतना पड़ रहा है. रेलवे मामलों के जानकारों का कहना है कि अगर नवादा स्टेशन पर स्थायी टीटी की तैनाती कर दी जाये तो न सिर्फ राजस्व में दोगुनी बढ़ोतरी संभव है, बल्कि यात्री अनुशासन और टिकटिंग व्यवस्था में भी सुधार आयेगा. उम्मीद की किरण: ‘लाल गाड़ी’ का अभियान रेलवे ने हाल ही में ‘लाल गाड़ी’ नाम से एक विशेष चेकिंग अभियान की शुरुआत की है. यदि यह अभियान नियमित रूप से नवादा में संचालित होता है, तो टिकट चेकिंग व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लग सकेगा.

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Published by: Panchdev kumar

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