नवादा के रजौली प्रखंड मुख्यालय स्थित पुरानी बस स्टैंड के श्री भाग्य लक्ष्मी क्लब की ओर से गणेश चतुर्थी पर स्थापित भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ विसर्जन किया गया. चार दिनों तक चले पूजा उत्सव के बाद विदाई के समय भक्त भावुक नजर आए. पूरा पंडाल "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के जयकारों से गूंज उठा.
श्री भाग्य लक्ष्मी क्लब के सदस्यों ने कई वर्षों से चली आ रही परंपरा को इस वर्ष भी कायम रखा. क्लब के सक्रिय सदस्यों हीरा कुमार, प्रतीक चौधरी, विकास चौधरी, रौशन कुमार, चंदन चौधरी, अमन चौधरी, शिव कुमार, गोलू कुमार, राहुल कुमार और विवेक कुमार समेत अन्य युवाओं ने भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.
हवन के बाद श्रद्धालुओं में बांटा गया महाप्रसाद
चार दिनों तक चले पूजन उत्सव के समापन पर शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन और पूजन किया गया. इसके बाद क्लब की ओर से श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी का वितरण किया गया.
महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. सैकड़ों लोगों ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया. इसी दौरान क्लब के सदस्य प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों में जुट गए.
जयकारों के बीच निकली भव्य विसर्जन शोभायात्रा
विसर्जन की बेला आते ही भक्त भावुक हो गए. श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आरती की और जयकारे लगाए. इसके बाद गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई.
शोभायात्रा पुरानी बस स्टैंड से शुरू होकर जगजीवन नगर, मुख्य बाजार, संगत मोहल्ला, ड्योढ़ी और बजरंगबली चौक होते हुए सती स्थान पहुंची. यहां से श्रद्धालु प्रतिमा को लेकर धनार्जय नदी तट की ओर रवाना हुए.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धनार्जय नदी में विसर्जन
धनार्जय नदी तट पर पहुंचने के बाद भगवान गणेश की आरती की गई. इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया.
इस दौरान क्लब के सैकड़ों श्रद्धालु, युवा और स्थानीय लोग मौजूद रहे. सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन संपन्न कराने में सहयोग किया.
अन्य पूजा पंडालों की प्रतिमाओं का भी हुआ विसर्जन
जानकारी के अनुसार, रजौली मुख्यालय क्षेत्र के अन्य पूजा पंडालों में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं का भी शांतिपूर्ण माहौल में विसर्जन कराया गया. पुलिस प्रशासन की देखरेख में सभी विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हुए.
