Nawada News: बिहार सरकार सूबे के तमाम गरीब और पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना (राशन कार्ड) से जोड़ने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है. इसी कड़ी में नए राशन कार्ड बनाने और परिवारों के छूटे हुए सदस्यों का नाम जुड़वाने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है, ताकि कोई भी योग्य परिवार इस महत्वपूर्ण लोक कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रह सके.
यह बातें गुरुवार को वारिसलीगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमित कुमार ने कहीं.
डीलर अपने पोषक क्षेत्र में करें प्रचार-प्रसार
बैठक को संबोधित करते हुए बीडीओ अमित कुमार ने कहा कि जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के सभी दुकानदारों को अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि डीलर स्थानीय स्तर पर सक्रिय होकर छूटे हुए पात्र परिवारों को चिह्नित करें और उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने के लिए प्रेरित करें, ताकि योग्य लाभार्थियों को समय पर उनके हिस्से का हक मिल सके. किसी भी परिस्थिति में योग्य और जरूरतमंद लाभार्थियों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.
वारिसलीगंज को मिला 7500 नए राशन कार्ड का लक्ष्य
इस दौरान प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) गुंजन भारती ने लक्ष्य की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा वारिसलीगंज प्रखंड को कुल 7500 (सात हजार पांच सौ) नए राशन कार्ड बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि इस बड़े लक्ष्य को हर हाल में निर्धारित समय-सीमा (13 अगस्त 2026) के भीतर प्राप्त करना है. एमओ ने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य तभी पूरा हो सकेगा जब सभी जन वितरण प्रणाली विक्रेता और स्थानीय प्रतिनिधि पूरी निष्ठा के साथ अपना सहयोग प्रदान करेंगे.
बैठक में कई डीलर रहे उपस्थित
बैठक के दौरान नए आवेदनों के लिए आवश्यक प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से बीडीओ अमित कुमार, एमओ गुंजन भारती के अलावा जन वितरण प्रणाली विक्रेता सरोवर सिंह, अवधेश कुमार, मनोज कुमार, बबलू कुमार, विक्रम कुमार सोनू, निरंजन कुमार, मनीष कुमार, कामदेव सिंह सहित दर्जनों डीलर और प्रखंड कर्मी उपस्थित रहे.
