बीस सूत्री समिति के निरीक्षण में विद्यालय मिले खाली, दोपहर से पहले हुई छुट्टी
Nawada news. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न उच्च माध्यमिक विद्यालयों की जमीनी हकीकत जानने के लिए मंगलवार को बीस सूत्री समिति द्वारा औचक निरीक्षण किया गया.
शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल
उच्च माध्यमिक विद्यालय बिसिआईत में 12वीं का एक भी छात्र नहीं मिला उपस्थित
बिसिआईत में उपस्थिति पंजी में सात दिनों से नहीं दर्ज हुई हाजिरी
निर्धारित समय से पहले ही बच्चों को छुट्टी दे रहे शिक्षक, प्रशासन से लिखित शिकायतकैप्शन- निरीक्षण करते सदस्य.
प्रतिनिधि, मेसकौर
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न उच्च माध्यमिक विद्यालयों की जमीनी हकीकत जानने के लिए मंगलवार को बीस सूत्री समिति द्वारा औचक निरीक्षण किया गया. प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता और उपाध्यक्ष उपेंद्र चौहान के नेतृत्व में टीम ने बिसिआईत, पवई एवं बडोसर पंचायत के स्कूलों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था की जो तस्वीर सामने आई, वह अत्यंत चिंताजनक है. उच्च माध्यमिक विद्यालय बिसिआईत में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दसवीं कक्षा के 98 नामांकित छात्रों में से केवल 24 उपस्थित थे. वहीं, बारहवीं कक्षा के 66 छात्रों में से एक भी छात्र स्कूल में मौजूद नहीं था. सबसे गंभीर लापरवाही यह दिखी कि 13 से 20 अप्रैल तक उपस्थिति पंजी में छात्रों की हाजिरी ही दर्ज नहीं की गई थी. इस पर प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार ने भवन की कमी का हवाला दिया.
पवई और सोनपुरा : छात्रों की संख्या रही नगण्य
उच्च माध्यमिक विद्यालय पवई में स्थिति और भी खराब मिली, जहाँ दसवीं के 132 और बारहवीं के 79 छात्रों में से मात्र 4 विद्यार्थी ही उपस्थित थे. वहीं, बडोसर पंचायत के उच्च माध्यमिक विद्यालय सोनपुरा में सुबह 11 बजे तक एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुँचा था. विद्यालयों में छात्रों की अनुपस्थिति शिक्षकों की सक्रियता पर बड़े सवाल खड़े करती है.
समय से पहले छुट्टी और लचर व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान यह बात भी सामने आई कि मध्य विद्यालय के शिक्षकों द्वारा निर्धारित समय 12:30 बजे से पहले ही (11 बजे) बच्चों को छुट्टी दे दी गई. प्रधानाध्यापक अशोक चौधरी ने समय से पहले छुट्टी की बात स्वीकार की, जबकि उच्च विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पिंकी कुमारी ने छात्रों के नियमित स्कूल न आने की शिकायत की.
जिला प्रशासन को भेजी गयी रिपोर्ट
प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत सूचना ई-मेल के माध्यम से जिला प्रशासन को दे दी गयी है. उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर वरीय अधिकारियों से मिलकर लिखित शिकायत की जायेगी, ताकि लचर शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जा सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके.