किउल–गया रेलखंड पर दोहरीकरण बेअसर, ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री बेहाल

NAWADA NEWS. किउल–गया रेलखंड का दोहरीकरण यात्रियों की सुविधा और समयबद्ध संचालन के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. दोहरी लाइन बनने के बावजूद इस रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने का नाम नहीं ले रही है.

एक्सप्रेस से लेकर लोकल तक सभी गाड़ियां देरी से चल रही, घंटों इंतजार को मजबूर हो रहे लोग

नवादा से बब्लू कुमार की रिपोर्ट

किउल–गया रेलखंड का दोहरीकरण यात्रियों की सुविधा और समयबद्ध संचालन के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. दोहरी लाइन बनने के बावजूद इस रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने का नाम नहीं ले रही है. एक्सप्रेस हो या लोकल, लगभग सभी गाड़ियां निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.ताजा उदाहरण के तौर पर ट्रेन संख्या 02397 शेखपुरा–नई दिल्ली समर एक्सप्रेस स्पेशल नवादा स्टेशन पर करीब 10 घंटे की देरी से पहुंची. वहीं 13023 हावड़ा–गया एक्सप्रेस लगभग आधे घंटे लेट रही, जबकि 11428 पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस करीब एक घंटे विलंब से चल रही है. 22500 वंदे भारत एक्सप्रेस भी बनारस से देवघर के बीच लगभग आधे घंटे की देरी से संचालित हो रही है. इसके अलावा 03698 दिल्ली–शेखपुरा स्पेशल ट्रेन भी एक घंटे लेट पहुंच रही है. केवल एक्सप्रेस ट्रेनें ही नहीं, बल्कि लोकल ट्रेनों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. गया–झाझा मेमू (63316) करीब एक घंटे लेट चल रही है, जबकि किउल–गया लोकल (63311) आधे घंटे विलंब से है. वहीं 63385 किउल–गया मेमू दो घंटे की देरी से चल रही है. इसके अलावा अन्य लोकल ट्रेनें भी 15 से 20 मिनट तक लेट हो रही हैं.लगातार हो रही इस देरी से यात्रियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों का कहना है कि जब रेलखंड का दोहरीकरण हो चुका है, तो समय पर ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. रेलवे प्रशासन से यात्रियों ने इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है.

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Published by: Vikash kumar

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