शहर में निकाला गया ताजिया, कर्बला में पहलाम

पर्व. हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया गया मुहर्रम, ताजिया जुलूस के दौरान खिलाड़ियों ने दिखाये हैरतअंगेज करतब

नवादा नगर. शहर में मंगलवार को हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम का पर्व आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पारंपरिक तरीके से ताजिया जुलूस निकाला. इस दौरान या अली, या हुसैन के नारों से इलाका गूंजता रहा. ताजिया जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक हथियारों, लाठी-डंडों और चाकू से जांबाजी के करतब दिखाकर लोगों का दिल जीत लिया. गोंदापुर के अंसारी मुहल्ला, मोगलाखार का दरिया शाह नगर, बड़ी दरगाह, अंसार नगर, न्यू अंसार नगर, कमालपुर, मस्तानगंज सहित विभिन्न मुहल्लों से ताजिया निकाला गया. सोमवार की रात से ही ताजियादार अपने-अपने मुहल्लों में ताजिया को घुमाने लगे थे. कुछ ही ताजिया मंगलवार की सुबह एक बजे तक बुंदेलाबागी पहुंच पाए, लेकिन दोपहर से लेकर देर रात तक शहर में ताजिया का सिलसिला जारी रहा. ताजिया जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कर्बला तक पहुंचा, जहां पहलाम की रस्म पूरी की गयी. पूरे शहर में कुल 55 ताजिया का शांतिपूर्वक पहलाम किया गया. हर मुहल्ले के ताजिये की अपनी अलग भव्यता थी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े. लाठी-डंडों व हथियारों से हैरतअंगेज़ करतब जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक अखाड़ा खेलते हुए दमदार करतब दिखाये. तलवारबाजी, लाठी चलाना, हवा में घूमते डंडों के साथ हैरतअंगेज़ स्टंट देखने को मिले. हर कदम पर या अली और या हुसैन के गगनभेदी नारों ने माहौल को और भी जोशपूर्ण बना दिया. मसीहा पढ़ने की रस्म भी अद्भुत रही, जिससे पूरे जुलूस में एक धार्मिक भावना का प्रवाह बना रहा. पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था मुहर्रम के इस बड़े आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और सजग रहा. पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान स्वयं शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते दिखे. सदर एसडीपीओ हुल्लास कुमार, एसडीओ अमित अनुराग, सदर अंचलाधिकारी विकेश कुमार सिंह, नगर थाना अध्यक्ष और बुंदेलखंड थाना अध्यक्ष समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. प्रशासन ने हर संवेदनशील इलाके में कड़ी निगरानी रखी और हर स्तर पर मुस्तैदी दिखायी. जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों की रही सहभागिता जुलूस के आयोजन और व्यवस्थापन में सामाजिक संगठनों की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही. गोंदापुर ताजिया जुलूस के अध्यक्ष सफीकुद्दीन शाह, सचिव खलील अहमद अली व इस्लामिक फेस्टिवल फेडरेशन के अध्यक्ष नेजाम खान कल्लू ताजिया की देखरेख में तैनात रहे. गोविंदपुर के विधायक व मॉडर्न स्कूल के निदेशक ने लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था कर एक मिसाल पेश की. जगह-जगह तैनात रहे पुलिस के जवान ताजिया जुलूस को देखने के लिए नवादा नगर में हजारों की भीड़ उमड़ी, लेकिन बेहतरीन सुरक्षा और बेहतर प्रशासनिक तालमेल के कारण किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. प्रशासनिक अधिकारियों ने जुलूस की पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखते हुए अंतिम चरण में कर्बला पहुंचने तक व्यवस्था को संभाला. इस प्रकार, नवादा में मुहर्रम का यह पर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था व परंपरा का प्रतीक रहा, बल्कि यह शांति, भाईचारे और प्रशासनिक सुदृढ़ता का उदाहरण भी बना.

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Published by: Panchdev kumar

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