Nawada Congress Ram Mandir Protest : बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमिटी ने राम मंदिर अयोध्या में कथित घोटाले और चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. जिलाध्यक्ष प्रभाकर झा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से विजय बाजार, प्रजातंत्र चौक होते हुए भगत सिंह चौक तक मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान सांकेतिक रूप से प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई.
Nawada News : विरोध मार्च में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता
कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और नारे लगाते हुए सड़कों पर उतरे. प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की गई. भगत सिंह चौक पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक रूप से प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया और राम मंदिर चंदा प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग दोहराई.
जिलाध्यक्ष ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप.
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रभाकर झा ने आरोप लगाया कि भाजपा वर्ष 1989 से भगवान श्रीराम के नाम पर चंदा जुटाकर राजनीतिक लाभ उठाती रही है, लेकिन उसका हिसाब जनता के सामने नहीं रखा गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम और देश की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करती है, लेकिन भाजपा सरकार में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है.
सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग
प्रभाकर झा ने कहा कि राम मंदिर का शिलान्यास, पूजन और उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया तथा ट्रस्ट के चेयरमैन के रूप में पूर्व नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा की नियुक्ति की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं. कांग्रेस ने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके.
प्रदेश डेलिगेट ने पारदर्शिता पर दिया जोर
प्रदेश डेलिगेट रजनीकांत दीक्षित ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं. उनके नाम पर एकत्रित प्रत्येक रुपये का हिसाब देश की जनता को मिलना चाहिए. उन्होंने चंदा प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की.
इन नेताओं की रही मौजूदगी
प्रदर्शन में रामजन्म सिंह, कुंदन दीप, पंकज कुमार, विक्की मल्होत्रा, इंदु सिन्हा, संतोष राजवंशी, रणधीर कुमार, बालेश्वर यादव, सत्येंद्र प्रसाद कुशवाहा, विजय कुमार, कमलेश पासवान, सुल्तान अंसारी, सूरजभान कुमार, फकरुद्दीन, रामाशीष कुमार, राज शेखर, अजय सिंह, आनो सिंह, संजय सिंह, संतोष कुमार, शैलेन्द्र कुमार, राजेश कुमार, सुमन, सुधीर सिंह, शंभू सिंह, महेंद्र सिंह, सच्चिदानंद सिंह, मोहम्मद सिकंदर, नवाब अली, टिंकू कुमार, उपेंद्र रजक, चंदन कुमार सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे.
