Bihar-Jharkhand Border (कुमार मनीष देव): बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में पैर पसार रहे अवैध शराब माफियाओं, वांछित अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस ने हाथ मिलाया है. कोडरमा जिले के मेघातरी स्थित पंचायत सचिवालय सभागार में दोनों राज्यों की पुलिस की एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक संपन्न हुई.
यह महत्वपूर्ण बैठक रजौली के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गुलशन कुमार और कोडरमा के नवनियुक्त एसडीपीओ प्रमोद केशरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई. दोनों ही पुलिस कप्तानों ने सीमा सुरक्षा और कानून व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए खुद कमान संभाली है. मद्य निषेध अभियान को और अधिक धारदार व प्रभावी बनाने के मुख्य एजेंडे के साथ आयोजित इस बैठक में दोनों राज्यों के सीमावर्ती थानों के पुलिस अधिकारियों ने आपसी तालमेल को एक नए स्तर पर ले जाने का बड़ा निर्णय लिया है.
फरार अपराधियों की सूची होगी साझा
एसडीपीओ रजौली गुलशन कुमार ने बताया कि इस रणनीतिक चर्चा में मुख्य रूप से यह सहमति बनी है कि सीमा पार सक्रिय अपराधियों, फरार अभियुक्तों और असामाजिक तत्वों की धरपकड़ के लिए दोनों राज्यों की पुलिस काम करेगी. इसके तहत न केवल नियमित रूप से खुफिया सूचनाएं साझा की जाएंगी, बल्कि एक-दूसरे को वांछित अपराधियों की सूची भी सौंपी जाएगी ताकि कोई भी कानून की नजरों से बचकर भाग न सके.
जंगलों में चलेगा संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन
भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण और जंगलों से घिरे संवेदनशील इलाकों में फल-फूल रहीं अवैध शराब की भट्टियों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए भी खाका तैयार किया गया है. इसके लिए दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त रूप से विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन और सघन गश्त चलाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है. बैठक में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत संयुक्त कार्रवाई करने पर विशेष बल दिया गया.
इन थानों के पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार (नवादा) के रजौली की ओर से:
- रजौली थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रणजीत कुमार
- सिरदला थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार
- परनाडाबर थानाध्यक्ष हरिकांत कुमार
- गोविंदपुर थानाध्यक्ष विजय कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए.
वहीं झारखंड (कोडरमा) की तरफ से कोडरमा, डोमचांच और सतगावां थानों के पुलिस अधिकारियों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, हालांकि तिलैया थाना प्रभारी किसी अनिवार्य कारणवश इस महत्वपूर्ण विमर्श में शामिल नहीं हो सके. दोनों राज्यों के इन थानों के क्षेत्रों को पूरी तरह अपराध मुक्त करने के उद्देश्य से अधिकारियों ने एक बेहद मजबूत और त्वरित कम्यूनिकेशन नेटवर्क स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे किसी भी सीमावर्ती अपराध की सूचना तुरंत दोनों ओर की पुलिस को मिल सके और तस्करों की घेराबंदी की जा सके.
