अभियान बसेरा: वासभूमिहीन परिवारों को मिलेगा जमीन का अधिकार, अंचल कार्यालयों में मांगे गए आवेदन

बिहार में वासभूमिहीन परिवारों को अब जमीन का मालिकाना हक मिलेगा. 'अभियान बसेरा' योजना के तहत आवेदन मांगे गए हैं, जिससे राज्य का कोई भी पात्र परिवार छत और जमीन के अधिकार से वंचित न रहे.

नवादा नगर. बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा वासभूमिहीन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने के उद्देश्य से 'अभियान बसेरा' के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. सरकार की मंशा है कि राज्य का कोई भी पात्र परिवार छत और जमीन के अधिकार से वंचित न रहे. योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (BC) एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के वास्तविक भूमिहीन परिवार अपने-अपने संबंधित अंचल कार्यालय में विहित प्रपत्र में आवेदन जमा कर सकते हैं.

आवेदन के साथ ये दस्तावेज जमा करना अनिवार्य

विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदन पत्र के साथ परिवार के सभी सदस्यों का विस्तृत विवरण और चालू मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. इसके अतिरिक्त मुख्य आवेदक, पति/पत्नी तथा परिवार के सभी वयस्क सदस्यों के पहचान पत्र (आधार कार्ड) की स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति, अद्यतन जाति प्रमाण पत्र तथा राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या निवास प्रमाण पत्र में से कोई एक वैध दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है. आवेदन के साथ पूरे परिवार का एक हालिया सामूहिक फोटोग्राफ और निर्धारित प्रारूप में नोटरी या कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा सत्यापित शपथ-पत्र देना अनिवार्य किया गया है.

सरकारी जमीन पर बसे परिवारों को साक्ष्य देने की छूट

यदि कोई पात्र भूमिहीन परिवार पहले से किसी सरकारी गैरमजरुआ या खास जमीन पर झोपड़ी बनाकर बसा हुआ है, तो वे आवेदन में उपलब्ध विवरण के अनुसार संबंधित मौजा, खाता एवं खेसरा संख्या का उल्लेख कर सकते हैं. साथ ही पुराने निवास के प्रमाण के रूप में उपलब्ध साक्ष्य भी संलग्न किए जा सकते हैं, जिससे अंचल स्तर पर जांच और बंदोबस्ती की प्रक्रिया में तेजी आ सके.

मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं, बिचौलियों पर होगी सख्त कार्रवाई

विभाग ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि पात्र लाभुकों को अपने आवेदन केवल स्थानीय प्रखंड सह अंचल कार्यालय में ही जमा करने हैं. इस कार्य के लिए किसी भी आवेदक को पटना स्थित विभागीय मुख्यालय आने की कतई आवश्यकता नहीं है. विभाग ने आगाह किया है कि यदि कोई बिचौलिया या संस्था ग्रामीणों को भ्रमित कर या प्रलोभन देकर पटना मुख्यालय लाने का प्रयास करेगी, तो उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी. योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव के लिए 'बिहार भूमि पोर्टल' के जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का उपयोग किया जा सकता है.

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By बब्लू कुूमार

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