एचआईवी-एड्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग चला रहा जागरूकता अभियान, मरीजों के नाम और आंकड़े रखे जा रहे गोपनीय

Nawada News : एड्स एक लाइलाज बीमारी है, जागरूकता ही बचाव है। जानें एड्स के लक्षण, सरकारी सहायता योजनाएं और सदर अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी।

Nawada News : नवादा. एचआईवी-एड्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है. विभाग की ओर से लोगों को सुरक्षित जीवनशैली अपनाने और अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार रहने की सलाह दी जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, किसी भी तरह की समस्या या संक्रमण की आशंका होने पर सदर अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र अथवा 1097 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है.

स्वास्थ्य विभाग ने जिले में एचआईवी-एड्स से संबंधित आंकड़े जारी करने से इनकार किया है. विभाग का कहना है कि समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है. हालांकि, विभागीय जानकारी के अनुसार प्रतिदिन कई मरीजों की एचआईवी जांच की जाती है, जिनमें कुछ मरीज एचआईवी पॉजिटिव पाए जाते हैं. विभाग का कहना है कि एचआईवी संक्रमित मरीजों का नाम और व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है. आंकड़े सार्वजनिक करने को लेकर विभागीय स्तर पर फिलहाल कोई आदेश नहीं है.

एचआईवी संक्रमित मरीजों को मिल रहा योजनाओं का लाभ

एचआईवी-एड्स से संक्रमित और प्रभावित लोगों के लिए सरकार की ओर से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इनमें बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना, परवरिश योजना, अंत्योदय अन्न योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना, 2011 शामिल हैं. इन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभुकों को आर्थिक सहायता, खाद्यान्न और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.

एचआईवी पीड़ितों को मिलती है आर्थिक सहायता

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एचआईवी-एड्स से पीड़ित मरीजों के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. वहीं, एचआईवी से संक्रमित एवं प्रभावित बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए जन्म से 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 1,000 रुपये सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है.

इसके अलावा योजना के तहत बीपीएल परिवारों में अति गरीब परिवारों को 2 रुपये प्रति किलो की दर से 14 किलो गेहूं और 3 रुपये प्रति किलो की दर से 21 किलो चावल उपलब्ध कराया जाता है. इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल 35 किलो अनाज दिया जाता है. एचआईवी-एड्स से पीड़ित श्रमिकों के इलाज के लिए 25,000 रुपये तक की सहायता राशि दिए जाने का भी प्रावधान है.

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इन केंद्रों और अधिकारियों से ले सकते हैं योजनाओं का लाभ

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एचआईवी-एड्स से पीड़ित मरीज संबंधित योजनाओं का लाभ लेने के लिए एआरटी केंद्र के डाटा मैनेजर और कम्युनिटी केयर को-ऑर्डिनेटर से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) और श्रम अधीक्षक के माध्यम से भी पात्र लाभुक योजनाओं का लाभ ले सकते हैं.

निशुल्क जांच और दवाइयां उपलब्ध, क्या कहती हैं अधिकारी

सीडीओ, नवादा डॉ. माला सिन्हा ने बताया कि सरकार की ओर से संचालित सभी सुविधाओं का लाभ पात्र मरीजों को दिया जा रहा है. आने वाले सभी मरीजों की उचित जांच की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी की जांच और दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का संदेह होने पर 1097 हेल्पलाइन या स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया जा सकता है.

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By मनोज कुमार

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