वारिसलीगंज : जिस अनुपात में जनसंख्या बढ़ रही है,उसी अनुपात में इमारतों की संख्या भी बढ़ी. कुछ वर्ष पहले जहां एक मंजिला, दो मंजिला मकान नजर आते हैं, अब बहुमंजिली इमारतें, शॉपिंग मॉल व शॉपिंग प्लाजा खुल गये हैं. लेकिन, इन इमारतों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगे रहने से हमेशा खतरा बना रहता है. अनहोनी होने पर यहां की स्थिति भयावह हो सकती है़ उल्लेखनीय है कि बड़े-बड़े भवनों, शॉपिंग सेंटरों में अग्निशमन यंत्र लगाये जाने का प्रावधान है. इसमें तेल से लगनेवाली आग के लिए फोम अग्निशमन, शॉट सर्किट से लगनेवाली आग के लिए डाइकेमिकल स्ट्रिंयूसर व अन्य घटनाओं के लिए वाटर सिओर अग्निशमन यंत्र का प्रयोग किया जाता है.गरमी के दिनों में अगजनी का खौफ लोगों को सताता रहता है.
बावजूद इसके शहर के गिनी-चुनी दुकानों, बैंकों,शॉपिंग सेंटरों, होटल मॉल व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र न के बराबर लगे हैं. शहर में अगलगी की घटना के बाद जिला मुख्यालय के अग्निशमन के भरोसे आग पर काबू पाना मुश्किल है. जानकारों का कहना है कि इमारतों, शॉपिंग सेंटर,मॉल आदि के चौथे फ्लोर पर अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है.
