अनुदान की राशि के वितरण में तनातनी

सीताराम साहू कॉलेज के पुराने कर्मचारियों ने राशि बंटवारे में मनमानी का किया विरोध कॉलेज को अनुदान में मिले एक करोड़ 60 लाख रुपये नवादानगर : सीताराम साहू कॉलेज में अनुदान राशि बंटवारे को लेकर तनातनी का माहौल है. कॉलेज में कार्यरत पुराने व नियमित शिक्षकों व कर्मियों ने वरीयता के आधार पर राशि वितरण […]

सीताराम साहू कॉलेज के पुराने कर्मचारियों ने राशि बंटवारे में मनमानी का किया विरोध

कॉलेज को अनुदान में मिले एक करोड़ 60 लाख रुपये
नवादानगर : सीताराम साहू कॉलेज में अनुदान राशि बंटवारे को लेकर तनातनी का माहौल है. कॉलेज में कार्यरत पुराने व नियमित शिक्षकों व कर्मियों ने वरीयता के आधार पर राशि वितरण की मांग की है़ जबकि प्रबंधन के द्वारा पिछले बार की तरह रुपये वितरण किये जाने की बात कही जा रही है. एमएलसी व शासी निकाय सदस्य डॉ नवल किशोर यादव,
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डॉ अश्विनी कुमार, डीएम मनोज कुमार, एसडीओ व शासी निकाय के सदस्य राजेश कुमार आदि को आवेदन देकर पुराने सदस्यों ने प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं. सरकार द्वारा वित्तरहित शिक्षा व्यवस्था समाप्ति की घोषणा के बाद कॉलेज में बड़े पैमाने पर उलट-फेर कर पुरानी तिथि के आधार पर 1995-96 व 1999 की नियुक्ति पत्र बांटने का आरोप लगाया गया.
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि कॉलेज के द्वारा वर्ष 2007-09 तक कॉलेज के नियमित 31 शिक्षक व 25 शिक्षकेतर कर्मियों के नाम से ही वेतन का आवंटन किया जा रहा था. 15 से 20 वर्षों से बैंक खाता के माध्यम से फरवरी 2009 तक पुराने कर्मियों को ही वेतन मिलता रहा है़ इसके लिए कॉलेज द्वारा दिये गये सैलरी स्टेटमेंट की छाया प्रति भी संलग्न की गयी है. उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह स्पष्ट कहा जा रहा है कि 2009 के बाद इन लोगों की बहाली करा कर पुराने डेट में इनकी नियुक्ति दिखायी जा रही है.
क्या कहते हैं प्राचार्य
कॉलेज में पिछली बार की तरह ही अनुदान राशि वितरण के लिए आम सहमति बनाने को लेकर शासी निकाय की बैठक 30 अप्रैल को बुलायी गयी थी. लेकिन, कुछ कर्मियों द्वारा हंगामा किये जाने के कारण मामला लंबित रह गया है. शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति नियमानुकूल है. इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है.
डॉ सुभाष चंद्रा, प्राचार्य, सीताराम साहू कॉलेज
पिछली बार समान रूप से बांटी गयी थी राशि
सत्र 2007-09 के कॉलेज अनुदान की राशि को नये-पुराने का भेद नहीं करते हुए समान रूप से बांटी गयी थी़ इसको लेकर हाइकोर्ट तक मामला गया था. मामला अब भी लंबित है. पुराने कर्मी प्रो कृष्ण मुरारी, प्रो अनिल कुमार, प्रो अशोक कुमार, प्रो अरूण कुमार सिन्हा आदि सहित शिक्षकों व कर्मियों ने आवेदन देकर कहा कि सत्र 2015-16 में गैर योजनांतर्गत स्वीकृत सहायक अनुदान डिग्री के लिए एक करोड़ नौ लाख 97 हजार एक सौ रुपये तथा इंटरमीडिएट के लिए भी अनुदान राशि के 50 लाख रुपये कॉलेज के बैंक खाता में पहुंच गया है. इस राशि को भी पिछले बार की तरह बंदरबांट करने कोशिश की जा रही है़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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