जनवितरण प्रणाली के लाभुकों के आधार व खाता नंबर की इंट्री न होने पर जतायी नाराजगी
डीएम ने एमओ व अनुमंडल पदाधिकारी से पूछा स्पष्टीकरण, वेतन किया बंद
39 प्रतिशत ही हुआ काम
नवादा : जनवितरण प्रणाली के लाभुकों के आधार नंबर व बैंक खाते की डाटा इंट्री में शिथिलता व लापरवाही बरदाश्त नहीं की जायेगी. यह बातें डीएम मनोज कुमार ने समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं. गौरतलब हो कि अब आधार कार्ड व खाता नंबर जमा करनेवाले उपभोक्ताओं को ही खाद्यान्न का वितरण किया जायेगा. डीएम मनोज कुमार ने अप्रैल माह में आयोजित आपूर्ति की समीक्षा बैठक में सभी मार्केटिंग अफसरों सहित अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया था कि इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए पांच मई तक शत-प्रतिशत लाभुकों का आधार नंबर एवं खाता नंबर का डेटा प्राप्त कर डाटा इंट्री सुनिश्चित कराएं.
समीक्षा में यह पाया गया कि आरसी वन जिसके तहत परिवार के मुखिया का आधार नंबर व खाता नंबर की डेटा इंट्री करनी है, में सिर्फ 39 प्रतिशत ही काम हुआ है. आरसी टू के तहत जिसमें कार्डधारी परिवार के शेष सदस्यों का खाता नंबर व आधार नंबर की डेटा इंट्री की जानी है, में मात्र 56 हजार लाभुकों की डेटा इंट्री हुई है. डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी एमओ को फटकार लगायी.उन्होंने कहा कि लगभग सात लाख लाभुकों का खाता व आधार नंबर उपलब्ध होने के बावजूद अभी तक इतनी कम संख्या में लाभुकों की डेटा इंट्री किया जाना शिथिलता व लापरवाही को दर्शाता है. उन्होंने डाटा इंट्री करनेवाले लिंक सेंटर को पांच दिनों के अंदर उपलब्ध लाभुकों की डेटा इंट्री हर हाल में सुनिश्चित करें. पांच दिनों के अंदर शत-प्रतिशत लाभुकों की डेटा इंट्री नहीं की गयी,
तो एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जायेगा. उन्होंने एमओ को भी फटकार लगायी. नवादा व रजौली के अनुमंडल पदाधिकारी को इसकी देखरेख करने को कहा. लाभुकों के आधार व खाता नंबर की डेटा इंट्री की धीमी गति को लेकर सभी प्रखंडों के एमओ से स्पष्टीकरण के साथ-साथ उनका वेतन बंद करने का भी निर्देश दिया. दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों से भी स्पष्टीकरण पूछा है. बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी वीणा प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी रजौली शंभु शरण पांडेय आदि थे.
