रजौली : शराबबंदी को लेकर लगातार होनेवाली जांच दो माह से थम गयी है.गृहरक्षा वाहिनी के जवानों की हड़ताल का असर होने व कम संसाधनों के कारण उत्पाद विभाग, पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने जांच करना कम कर दिया है. कई दिनों तक अब जांच चौकी पर सन्नाटा पसरा रहता है. शराबबंदी को लेकर वाहनों की जांच नहीं होने से शराब माफियाओं की पौ बारह है. जांच टीम के नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद शराब लेकर वाहनों के आने का सिलसिला जारी है.
जांच चौकी पर वाहनों की जांच की जाती, तो शराब का धंधा नहीं होता. उत्पाद अधीक्षक प्रेम प्रकाश ने बताया कि संसाधनों की कमी से जांच प्रभावित होती है. बावजूद प्रतिनियुक्त अधिकारी शराबबंदी को लेकर वाहनों की जांच की पूरी कोशिश करते हैं. कई बार विदेशी शराब के साथ लग्जरी कारों को भी जब्त किया गया है. छापामारी अभियान आगे भी जारी रहेगा.
