24 में दो से तीन घंटे ही मिल रही बिजली
स्टूडेंट्स की पढ़ाई व खेती कार्य प्रभावित
आॅफिस में फोन नहीं उठाते कर्मचारी
वारिसलीगंज : एक तरफ गरमी की तपिश बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ बिजली अापूर्ति की स्थिति दयनीय होती जा रही है. एक सप्ताह से प्रखंड के शहरी व ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे में मुश्किल से दो-तीन घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है. इससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है. लोगों को न, तो रात में नींद आती है और न ही दिन में चैन. बिजली की आंखमिचौनी की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई , किसानों के कृषि कार्य, बिजली उपकरण की दुकानें व लघु उद्योगों पर प्रतिकूल असर पड़ा है.
उपभोक्ता परमानंद सिंह, राजेंद्र सिंह, संत शरण सिंह, धनंजय शर्मा आदि का कहना है कि सरकार बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की बात करती है और दूसरी ओर उपभोक्ताओं को बिजली के लिए रुलाया जा रहा है. बावजूद अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों में चुप्पी बरकरार है. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है. बिजली के अभाव में मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल हो रहा है. इससे आमलोगों में आक्रोश है. बिजली की स्थिति इसी तरह रही, तो वह दिन दूर नहीं जब उपभोक्ता आंदोलन पर करने को मजबूर हो जायेंगे.
