नवादा नगर: जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में कुछ दिनों से गड़बड़ी की जा रही है़ गरमी बढ़ते ही यहां बिजली की कटौती की जा रही है़ उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार सामान्यत 75 मेगावाट बिजली की जरूरत होती है, लेकिन कभी-कभी आपूर्ति में कमी के कारण रोटेशन के आधार पर जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर बिजली सप्लाई करनी पड़ रही है. पावर हाउस में बिजली की उपलब्धता के बाद भी वितरण व्यवस्था में कमी के कारण के पावर सप्लाई प्रभावित हो रही है. जाड़े में 20 से 22 घंटे से अधिक बिजली मिल रही थी, जो अब घट गयी है.
चार घंटे मिली बिजली
बिजली के बिल का भार उपभोक्ताओं पर बढ़ गया है. पहले की अपेक्षा डोमेस्टिक कनेक्शन में प्रति यूनिट दो रुपये 75 पैसे की बढ़ोत्तरी हुई है. बिल में बढ़ोत्तरी के बाद सुविधाएं बढ़नी चाहिए थीं़ जबकि गरमी शुरू होने के साथ ही जो बिजली पहले मिल रही थी उसमें भी कटौती हो गयी है. बिजली कटौती का करंट अब उपभोक्ताओं पर भारी पड़ने लगा है. मंगलवार को भी दोपहर में तीन से चार घंटे तक बिजली की आपूर्ति बाधित रही़.
राजस्व वसूली में पीछे
उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार जिले में 11 से 12 करोड़ रुपये प्रति माह की बिजली का उपयोग हो रहा है, लेकिन विभाग द्वारा सही रणनीति के अभाव तथा व्यवस्था की कमी के कारण महज तीन से साढ़े तीन करोड़ रुपये की वसूली विभाग कर पा रहा है. विभाग के द्वारा समय से बिजली बिल का वितरण नहीं होने, रुपये लेने के लिए पर्याप्त काउंटरों की व्यवस्था नहीं करने व बिजली चोरी रोकने के कारगर उपाय नहीं होने से विभाग किये गये खर्च के अनुरूप वसूली नहीं कर पा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
बिजली बिल की गड़बड़ियों को दूर करने के उपाय किये गये हैं. उपभोक्ताओं की शिकायतों का निबटारा समय पर किया जाये, इसके लिए विभाग काम कर रहा है. नये सॉफ्टवेयर के माध्यम से काम आसान हुआ है. राज्य कार्यालय में सुधार के लिए भेजने की समस्या से राहत के बाद उपभोक्ताओं के काम तेजी से हो रहे हैं.
शौकत अली, सहायक कार्यपालक अभियंता, राजस्व
आवश्यकता के अनुरूप कभी-कभी कम बिजली मिलती है़ इसके कारण आपूर्ति में कमी आती है. वितरण व्यवस्था का काम सप्लाई विभाग को देखना है. बिजली की कटौती ऊपर से होती है.
मनोज कुमार, सहायक कार्यपालक अभियंता, पावर हाउस
