एमफिल व पीएचडी की सीटों में कटौती गलत

सरकार पर छात्रों को ज्ञान से वंचित के साथ स्वतंत्र विचार से दूर करने का आरोप बोधगया : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन(आइसा) के बोधगया में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सेमिनार सह कार्यशाला में आइसा के राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ ने कहा कि युवा वर्तमान के निर्माता होते हैं. आज के दौर में युवाओं के लिए […]

सरकार पर छात्रों को ज्ञान से वंचित के साथ स्वतंत्र विचार से दूर करने का आरोप
बोधगया : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन(आइसा) के बोधगया में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सेमिनार सह कार्यशाला में आइसा के राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ ने कहा कि युवा वर्तमान के निर्माता होते हैं. आज के दौर में युवाओं के लिए भगत सिंह के विचार ज्यादा प्रासंगिक हैं.
उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने जिस तरह से आह्वान किया था कि युवाओं को राजनीति करनी चाहिए व उसका विरोध हुआ था, उसी तरह आज की वर्तमान सरकारें भी कैंपसों में स्वतंत्र विचार, वाद-विवाद, संवाद से छात्रों को बेदखल कर देना चाहती है. उन्होंने कहा कि एमफिल व पीएचडी की सीटों की कटौती देश के भीतर रूढ़िवादी व प्रतिक्रियावादी विचारों के खिलाफ बननेवाले चिंतन को कुंद करने की कोशिश है. आइसा इसके खिलाफ पूरे देश में आंदोलन कर रहा है.
इस अवसर पर किसान संघ के महासचिव कॉमरेड राजाराम सिंह ने कहा कि आज देश में नफरत की राजनीति की जा रही है. ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि नफरत की राजनीति राष्ट्रभक्ति और प्रेम व शांति की बात करना देशद्रोह हो गया है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में इस विभजनकारी राजनीति के खिलाफ तमाम अमन पसंद, लोकतंत्र पसंद व धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट होकर मुकाबला करने की जरूरत है. कार्यशाला में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रो अरुण लुगून ने कहा कि ज्ञान के बिना कौशल की बात करना बेमानी है. दरअसल, स्किल इंडिया प्रोग्राम नौजवानों को पूंजीवादी व्यवस्था का पिछलग्गू बना देने का प्रोग्राम है.
उन्होंने कहा कि आज नौजवानों को रोजगार के असली उद्देश्य को जानने की जरूरत है. इस मौके पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रो योगेश शेखर ने कहा कि एक तरह के विचार को पूरे देश में थोप देने की साजिश भाजपा-आरएसएस कर रही है. इसलिए इस विचार से भिन्न विचार रखने वाले इतिहासकारों-बुद्धिजीवियों को धमकी मिल रही है, उनकी हत्या तक कर दी जा रही है. उन्होंने कहा कि आज छात्र-नौजवानों के कंधों पर भगत सिंह के विचारों को आत्मसात कर उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए संघर्ष को तेज करना है.
दो दिवसीय सेमिनार सह कार्यशाला का संचालन आइसा के गया जिला सचिव कुणाल किशोर ने किया व इसमें राष्ट्रीय महासचिव के साथ ही आइसा के राज्य सह सचिव संदीप चौथा, आकाश कश्यप, बाबू साहब वतन व अन्य ने संबोधित किया. कार्यशाला का समापन आज होगा.

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