मंगलवार को झंडा व कटआउट फाड़े जाने की घटना के बाद नवादा शहर उबाल पर आ गया था. इस घटना को लेकर दो पक्षों में रोड़ेबाजी हुई थी. पुलिस-प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद हालात काबू में आ गये थे, लेकिन बुधवार को फिर रोड़ेबाजी शुरू हो गयी. असामाजिक तत्वों ने कई इलाकों में रोड़ेबाजी की. इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत है. अनहोनी की आशंका से इलाके की दुकानें भी बंद कर दी गयीं, जिससे लोग परेशान रहे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी है. पुलिस ने इस मामले में 50 लोगों को गिरफ्तार किया है. एसपी व डीएम ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर कान नहीं देने की गुजारिश करते हुए कहा है कि क्षेत्र में हर हाल में शांति की बहाली की जायेगी. उन्होंने शांति भंग करनेवाले उपद्रवियों से सख्ती से निबटने का भरोसा दिया है.
नवादा नगर : भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है. यहां सभी को अपने पंथ को मानने का अधिकार है. कोई व्यक्ति या समूह इसे रोकने या बाधा पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे भारतीय दंड संहिता में एक साल से लेकर फांसी की सजा तक का प्रावधान है. मंगलवार को रोड़ेबाजी के मामले में पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर इसी धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी. भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए ,153 बी,धारा 154, 157, धारा 295, 295ए, 296, 297 के तहत माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने, बोल कर, चिह्न दिखा कर या अन्य प्रकार से माहौल बिगाड़ने के दोषी को एक साल की सजा हो सकती है. वहीं, अगर झड़प में अगर किसी की मौत हो जाती है तो फांसी की सजा हो सकती है. जिला प्रशासन ने असामाजिक तत्वों को आगाह करते हुये शांति व्यवस्था में शामिल होने की अपील भी की है.
प्रशासन को बंद करना होगा तुष्टीकरण : गिरिराज
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन तुष्टीकरण के रास्ते पर चल रहा है. शांतिपूर्ण हिंदूवादी गतिविधियों को रोकने की साजिश हो रही है. ऐसे में जिले के लोगों को विवेक के साथ रहना होगा. शहर में किसी प्रकार की उपद्रवी गतिविधि न हो, इसका ख्याल रखना होगा. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रामनवमी के जुलूस का शांतिपूर्ण संचालन हो, ऐसी व्यवस्था सरकार को सुनिश्चित करनी होगी. जिला प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई नहीं चलेगी. यह तुष्टीकरण है. एक खास वर्ग को लुभाने के लिये राज्य सरकार के इशारे पर ऐसा किया जा रहा है. उन्होंने फोन पर कहा कि सनातन धर्म किसी उपद्रव में भरोसा नहीं करता है. न ही किसी धर्म को हानि पहुंचाता है. ऐसे में कोई उसके साथ छेड़छाड़ करे, यह स्वीका र्य नहीं है.
प्रशासन की ढुलमुल नीति के कारण फैला अशांति का माहौल : कौशल
जदयू के पूर्व विधायक कौशल यादव ने कहा कि जिला प्रशासन की ढुलमुल नीति के कारण शहर में अशांति की स्थिति बनी है. समय रहते प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पाया. उन्होंने कहा कि अशांति के बाद पुलिस निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर रही है. घरों में घुस कर मारपीट कर रही है. जिला प्रशासन को नियंत्रित होकर मामले को संभालना होगा. उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि वे शांति व सद्भाव का माहौल बनाये रखें. उन्होंने कहा कि मंगलवार को शांति समिति की बैठक में डीएम की प्रतिक्रिया सम्मानजनक नहीं थी. इससे आम लोगों के बीच प्रशासन के ढुलमूल रवैये का आभास हुआ. बुधवार की घटना को समय रहते संभाला जा सकता है. इसमें जिला प्रशासन विफल हुआ है.
शांति बहाली सुनिश्चित करे प्रशासन : भाजपा
भाजपा के जिलाध्यक्ष शशिभूषण कुमार बबलू ने कहा कि बिहार सरकार अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए बहुसंख्यक समाज को जिला प्रशासन के माध्यम से प्रताड़ित कर रही है. किसी को भी यह हक नहीं है कि बहुसंख्यक समाज को अपने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने से रोके. उन्होंने कहा कि रामनवमी का जुलूस समय पर निकले इसकी जिला प्रशासन व्यवस्था सुनिश्चित करे.भारतीय जनता पार्टी सभी के धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन कोई बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाये, यह बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
