नवादा : बिहार के नवादा जिले में बुधवार को एक धार्मिक पोस्टर फाड़े जाने को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गयी. घटना ने देखते ही देखते दो समुदायों को आमने-सामने कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को शहर में कुछ असामाजिक लोगों ने धार्मिक पोस्टर को फाड़ दिया. उसे लेकर शहर के सद्भावना चौक पर दो गुट आपस में भिड़ गये. उसके बाद दोनों गुटों के लोगों ने जमकर रोड़ेबाजी शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह वहां पहुंचे और लोगों को समझाया-बुझाया.
पोस्टर फाड़े जाने को लेकर विवाद
स्थानीय लोगों ने मीडिया को बताया कि असामाजिक तत्वों ने झड़प के बाद एक दूसरे पर खूब पत्थर फेंके और कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया. बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने दुकानों में लूटपाट भी की. घटना की वजह से शहर के सद्भावना चौक पर घंटों तक अफरा-तफरी मची रही. सूचना के बाद वहां नवादा के जिलाधिकारी मनोज कुमार व एसपी विकास बर्मन सहित कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया. हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण बनी हुई है.
क्या है पूरा मामला
स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर के सद्भावना चौक पर पर्व-त्योहार को लेकर धार्मिक पोस्टर लगाया गया था, जिसे अज्ञात असामाजिक तत्वों ने फाड़ दिया. सुबह जब लोगों की नजर फटे हुए पोस्टर पर पड़ी, उसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया. लोगों ने असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एनएच 31 को जाम कर दिया. उसके बाद वहां दो गुटों में बहस हुई और अचानक सद्भावना चौक पर पत्थरों की बारिश होने लगी. दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया और लूटपाट की गयी. कई वाहनों को आग के हवाले करने की खबर भी मिल रही है.
पुलिस ने की छह राउंड फायरिंग
सूचना के बाद तत्काल पहुंची वहां पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिये हवाई फायरिंग शुरू कर दी. उसके बाद तत्काल सभी प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंच गये. प्रशासन ने लोगों को खदेड़कर वहां से दूर किया और सद्भावना चौक को खाली कराया गया. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की. चौक पर हंगामा होने की वजह से दर्जनों प्रशासनिक गाड़ियां भी जाम में फंसी रही. कैदी वाहन को कोर्ट ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. जानकारी मिलने तक प्रशासन ने अभी तक किसी पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की है. वहीं, दूसरी ओर पुलिस त्योहारकेदौरान पूरी तरह चौकसी बरतने लगी है और चप्पे-चप्पे पर दंडाधिकारियों की नियुक्ति की बात कही जा रही है.
जिलाधिकारी ने दिया बयान
इस मामले पर नवादा के जिलाधिकारी मनोज कुमार ने मीडिया को बताया कि पता चला है कि विवाद धार्मिक पोस्टर फाड़े जाने को लेकर हुआ है.पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है. सबसे पहले स्थिति को काबू में करने की कवायद चल रही है. संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और बिहारशरीफ से एक कंपनी और रैपिड एक्शन फोर्स को मंगाया जा रहा है.
