रोह : ईंट भट्ठा में पानी टंकी फटने से हुई दो की मौत के बाद ईंट भट्ठे पर कोहराम मच गया. इर कोई अपने परिवार व बाल बच्चों की खोज करने लगे. सब एक दूसरे की मदद करने में जुट गये,जो जैसे मिल रहा था, उसे इलाज के लिये भेजा जा रहा था.बताया जाता है कि विनोद ईंट भट्ठे पर लगभग 150 मजदूर काम कर रहे थे. पानी टंकी फटने के बाद इसके मलबे से कई लोग जख्मी हो गये.
मजदूर किशोर मांझी का शव मलबे से बाहर निकाल कर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. मजदूरों ने अपनी मांग को लेकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए जाने नहीं दिया. मजदूरों का कहना था कि मृतक के परिजनों को तीन लाख रुपये दिये जायें. मृतक की पत्नी सरोज देवी व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था.
किशोरी के दो बेटे व दो बेटियां हैं. मृतक के पिता पतरंगी मांझी के आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा था. उसे कमाऊ बेटे को खो जाने का गम था. उसी विनोद ईंट भट्ठे पर काम कर रहे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना सुबह साढ़े नौ बजे की है. घटना उस वक्त हुई, जब सभी मजदूर तबके के महिला व पुरुष पानी टंकी के आसपास नहाने व कपड़े धोने व पीने के लिए पानी भर रहे थे. उसी समय बिजली आयी और टंकी में पानी भरने के लिए समरसेबल मोटर चालू हुआ. अचानक पानी की टंकी में विस्फोट हुआ और देखते ही देखते उस ईंट भट्ठे में मातम छा गया .लोगों की चीख-पुकार सुन कर आसपास गांवों के लोग घटना स्थल पर पहुंच गये.
मजदूरों ने बताया कि इस ईंट भट्ठे पर कुछ एक माह पहले ही पानी टंकी का निर्माण किया गया था. एक सप्ताह पहले ही इस पानी टंकी को चालू किया गया था. इस टंकी की लंबाई 12 फुट व चौड़ाई 10 फीट व ऊंचाई लगभग सात से आठ फुट के करीब थी. टंकी का निर्माण मजदूरों के नहाने, कपड़ा धोने व पीने के लिए कराया गया था.मजदूरों का कहना है कि टंकी का निर्माण सही तरीके से नहीं कराया गया था. इसके कारण चंद दिनों में टंकी ध्वस्त हो गयी.
