शिक्षक ने दिये बच्चों को सफलता के मंत्र
विद्यालय के दूसरे शिक्षकों ने किया सम्मानित
धमौल : शिक्षक समाज की रीढ़ होता है. उनके आदर्श का छात्र-छात्राएं अनुपालन करते हैं. उसी आदर्श पर चल कर छात्र अपनी मंजिल पाते हैं, इसलिए शिक्षकों को हमेशा समय का पाबंद होना चाहिए. उक्त बातें शनिवार को विदाई समारोह में प्राथमिक विद्यालय धमौल के शिक्षक अशरफ हुसैन अंसारी ने कहीं. विदाई समारोह में वह भावुक हो गये. उन्होंने कहा कि नौ वर्षों के कार्यकाल के दौरान यहां के बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों से उन्हें बहुत सम्मान मिला. इसे वह उम्रभर नहीं भूल सकते हैं. उन्होंने शिक्षकों से समय का पाबंद होकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न करने की नसीहत दी.
विद्यालय की तरफ से शिक्षकों ने अंसारी को अंग वस्त्र और उपहार भेंट किया. विदाई समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व उप प्रमुख गजाधर यादव ने कहा कि अंसारी नौ वर्षों तक विद्यालय को सेवा देकर बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव जगाने का काम किया है. धमौल पंचायत के सरपंच उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षक हो तो अशरफ हुसैन अंसारी की तरह. विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार शर्मा ने बताया कि अंसारी की कमी विद्यालय को खलेगी. मौके पर उप सरपंच इंद्रजीत कुमार सिन्हा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय श्यामदेव के प्राचार्य धनुषधारी दास, प्राथमिक विद्यालय तुर्की के प्राचार्य कमलेश कुमार गौरव, इफ्तेखारुल हसन, आशीष कुमार, अफजल हुसैन, रवींद्र कुमार, अभय कुमार, विजय चौधरी, अरुण कुमार, रंजू कुमारी, पूनम कुमारी, श्वेता कुमारी सहित कई अन्य शिक्षक मौजूद थे.
