अकोढ़ीगोला : डेहरी-नासरीगंज पथ पर दरिहट बाजार में गुरुवार को गांव के बालू घाट को बंद करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया. इस जाम में फंसे जिला पर्षद अध्यक्ष नथुनी राम धरना स्थल पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और गांव से बालू घाट को बंद कराने मांग करने लगे. काफी देर तक अध्यक्ष व ग्रामीणों के बीच समस्या को लेकर बात हुई. अध्यक्ष ने जिला खनन पदाधिकारी से बात कर एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान कराने के आश्वासन दिये जिसके बाद जाम हटा. इस दौरान सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी. ग्रामीणों का कहना था कि दरिहट में दो बालू घाट है.
घाट नंबर एक गांव के बीचो-बिच रास्ते से होकर गुजरता है. घनी आबादी से सैकड़ों बालू लदे ट्रैक्टर गुजरते है. रास्ते में विद्यालय मौजूद है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं. इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. बालू युक्त धूल के कण से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. रात भर गाड़ियों के शोर से लोग परेशान हैं. वहीं, घाट नंबर दो महादलित बस्ती के बगल के रास्ते से होकर गुजरता है. उसी रास्ते में प्राथमिक विद्यालय भुइयाटोला स्थित है. ट्रकों की आवाजाही से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. वहीं, किसानों का कहना था कि बालू घाट के प्रदूषण से फसल बरबाद हो रही है. खेतों में बालू युक्त कणों की मोटी परत जमने लगी है. जिससे खेतों की उर्वरा शक्ति कमजोर होने की संभावना प्रबल होने लगी है.
सोन नद के तटों के समीप बालू की खुदाई करने से तटीय इलाके के गांवों में जलसंकट की समस्या होने लगी है. नलकूप व चापाकल से पानी कम आ रहा है. धरनार्थियों का कहना था कि सघन आबादी व सिंचित भूमि से दूरी पर बालू घाट बंद कर अन्यंत्र जगह पर बालू घाट खोला जाये. अगर सप्ताह भर के अंदर दरिहट से बालू घाट नहीं हटाया गया, तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने देने को मजबूर होंगे.
