विरोध. कस्तूरबा स्कूल की पीड़ित छात्रा को मिले न्याय : माले
शहर के मुख्य मार्गों पर निकाला प्रतिवाद मार्च
नवादा कार्यालय : नरहट के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्रा के साथ हुई घटना आंदोलनात्मक रुख अख्तियार करने लगी है. विद्यालय में 13 फरवरी को घटित दुष्कर्म की घटना के विरोध में मंगलवार को भाकपा (माले), आइसा, ऐपवा, इनौस ने संयुक्त रूप से शहर के मुख्य मार्गों पर प्रतिवाद मार्च निकाला. समाहरणालय के निकट अांबेडकर पार्क से कॉमरेड कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाल कर सरकार विरोधी नारे लगाये. घटना की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी, मामले को रफा-दफा करने की साजिश सहित पीड़िता को मुआवजा व शिक्षा, सुरक्षा दिलाने की मांग की गयी है. विद्यालय चलानेवाले अखलाक गौहर, अनिल कुमार, महिला वार्डन विजयलक्ष्मी, मीना कुमारी व आदेशपाल को अविलंब बरखास्त करने पर जोर दिया गया है.
मार्च का समापन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंक कर किया गया. इसके बाद इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए जिला सचिव काॅमरेड नरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि दलित छात्राओं की अस्मत आबरू खतरे में है. दलितों की बेटियों को शर्मसार किया जा रहा है. बेटियों के सपने को पंख लगाने की बात करनेवाले नीतीश कुमार सुरक्षा देने में भी विफल हो रहे हैं. दलितों को अपने घरों की इज्जत आबरू की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा. मौके पर ऐपवा की जिला सचिव व अध्यक्ष सावित्री देवी, सुदामा देवी, इनौस के संयोजक भोला राम, आइसा के संयोजक दीपक कुमार खेग्रामस जिला सचिव मेवालाल राजवंशी, अध्यक्ष लटन रविदास सहित कम्युनिस्ट कार्यकर्ता उपस्थित थे.
