कुंजैला गांव में मृतका को बहू, बेटी व गोतनी ने दिया कंधा
रोह : परंपराओं को तोड़ते हुए कुंजैला गांव में बुधवार को महिलाओं ने अरथी को कंधा दिया. गांव के किसान परमेश्वर महतो की पत्नी चंद्रकला देवी का निधन हो गया. इसकी अरथी को कंधा देकर उसकी बहू रीता देवी, रीना देवी, बेटी कांति, सुनैना, मीना, मंजू, प्रतिमा, इंटू, कुसुम व गोतनी सुमित्रा देवी भी श्मशान पहुंची. अरथी को कंधा देने वाली महिलाओं का कहना है कि कानून ने उन्हें बराबर का अधिकार मिला हुआ है. इसलिए वह अपने हक को पूरा कर रही हैं.
आमतौर पर महिलाएं अरथी को कंधा नहीं देती हैं. मगर अर्जक संघ की पहल पर महिलाओं ने अरथी को कंधा देकर रूढ़िवादी परंपरा को तोड़ दिया. इतना ही नहीं महिलाएं शव के साथ श्मशान तक गयीं. पुरातन काल से ही महिलाएं श्मशान नहीं जाया करती हैं. लेकिन, यहां इस परंपरा को भी तोड़ कर नया इतिहास बनाने की कोशिश की गयी. हालांकि गांव में महिलाओं द्वारा शव को कंधा देने पर तरह-तरह की बातें भी होने लगीं. लेकिन, महिलाओं ने इसकी परवाह नहीं की. अरथी को कंधा देकर श्मशान तक पहुंचीं. महिलाओं द्वारा अरथी को कंधा देने की घटना की आसपास के गांवों में भी खूब चर्चा हो रही हैं.
