समस्या. सड़कों पर नयी व्यवस्था से राहत नहीं
नवादा : बड़ी आबादी को झेल रही शहर की सड़कें भी अब ट्रैफिक व्यवस्था की पूरी कहानी कह रही है. निरंतर बढ़ वाहनों के संख्या बढ़ने से आवागमन मुश्किल हो रहा है. लगभग हर रोज इसका असर सड़कों पर दिख रहा है. मुख्य रूप से मेन रोड, अस्पताल रोड, स्टेशन रोड, सोनार पट्टी, गोला रोड, पुरानी कचहरी रोड, विजय बाजार का एरिया इससे जूझता रहता है. इन दिनों प्रशासन ने इसे बेहतर करने का प्रयास किया है. इसके लिए अलग-अलग जगहों पर पोस्ट बनाये गये हैं.
यहां पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है. ट्रैफिक नियमों की जांच को लेकर कार्रवाई भी चलती है. शहरवासियों के सहयोग से इन पोस्टों पर डिवाइडर भी लगाये गये हैं. पर, शहर की सड़कों का कम चौड़ी होना प्रमुख कारण है. कुल 28 ट्रैफिक पुलिस विभिन्न जगहों पर तैनात रहते हैं. मुख्य रूप से नयी व्यवस्था के बाद शहर के 10 ट्रैफिक पोस्टों पर इनकी ड्यूटी लगी होती है. हालांकि, यहां इन पर ट्रैफिक नियमों के पालन का जिम्मा सौंपा गया है. पर, बड़े पैमाने पर शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की अवहेलना हो रही है. इनमें ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पुलिस की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता
जिन जगहों पर बने हैं ट्रैफिक पोस्ट शहर में ट्रैफिक पोस्ट सद्भावना चौक, पार नवादा बस स्टैंड, लाल चौक, प्रजातंत्र चौक, इंदिरा चौक, तीन नंबर रेलवे गुमटी, भगत सिंह चौक, प्रसाद बिगहा मोड़, साहेब कोठी मोड़, विजय बाजार मोड़, गोंदापुर पर बनाये गये हैं. इसके बावजूद लोगों द्वारा रोज ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है. इस मामले में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा सख्त कदम उठाने की जरूरत है.
क्या हुई है कार्रवाई वर्ष 2017 में अभी तक जरूरी दस्तावेज ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन सर्टिफिकेट, प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट, गाड़ी के बीमा का कागजात, परिवहन वाहन के परमिट व फिटनेस सर्टिफिकेट जैसे कागजात की छानबीन के दौरान 125 बाइक चालक को पकड़ा गया है. इनसे लगभग 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है. परिवहन विभाग के सहयोग से यह अभियान के रूप में चलाया जाता है.
कैसी है यातायात व्यवस्था शहर में वनवे की व्यवस्था भी की गयी है. इसमें प्रजातंत्र चौक से लाल चौक की तरफ प्रवेश वर्जित है. विजय बाजार से प्रजातंत्र चौक की तरफ आना वर्जित है. इसी तरह प्रसाद बिगहा व साहेब कोठी मोड़ वनवे के तहत है. इसके अलावा सभी रोड टू लेन की है. बावजूद वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होता रहता है. प्रशासनिक स्तर पर नियमित रूप से इसकी समीक्षा की जरूरत है.
ओवरटेक न करें
ट्रिपल लोड न चलें
अपनी लेन में चलें
वाहन को खतरनाक तरीके से न चलाएं
हेलमेट का प्रयोग करें
वाहन चलाते समय धूम्रपान न करें
वाहन की गति का परीक्षण कराते रहे
बिना पंजीकरण अथवा बिना बीमा के वाहन को न चलाएं
क्या कहते हैं अधिकारी
हम अपने जवानों के साथ मिल कर लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं. माइकिंग के जरिये भी ट्रैफिक नियमों के पालन की जानकारी दी जाती है. आम जनता को परेशानियों से छुटकारा मिल सके. रह-रह कर हम सख्त कदम भी उठाते हैं, ताकि शहर को जाम से निजात मिल जाये. हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं. इसमें पब्लिक सपोर्ट की जरूरत है.
नीतेश्वर चौधरी, ट्रैफिक इंजार्च, नवादा
शहर में नो इंट्री का हाल
शहर में भारी वाहनों का प्रवेश रात आठ बजे से शुरू हो जाता है, जो सुबह आठ बजे तक रहता है. गोला रोड में सिर्फ निकासी नौ बजे तक है. इसके उपरांत अगर कोई वाहन आता है तो उसे शहर से बाहर ही रोक कर रखा जाता है. दिन में टूरिस्ट बस, शवयात्रा के वाहन, बरात वाहन, डेयरी वाहन, पुलिस बस, गैस गाड़ी, पेट्रोल वाहन जैसे वाहनों को इसके लिए एसडीओ व डीएम द्वारा प्रवेश की अनुमति है.
सही व्यवस्था नहीं रहने के कारण जाम लगता है. यदि लोग नियमों का पालन करते हुए काम करे तो काफी हद तक जाम से निजात पायी जा सकती है. ट्रैफिक पुलिस भी कुछ गाड़ियों को छूट दे देते हैं, इससे भी भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाम लगता है.
सोनू अग्रवाल, पुरानी बाजार
गोला रोड में बड़ी गाड़ियां दिन भर लगी रहती है. सामान लोड व अनलोड करने के लिए दुकान के आगे ही जिप्सी या अन्य गाड़ियां लगती है. जहां-तहां रोक कर सामान उतारने से जाम का बुरा हाल होता है. पुलिस सब कुछ देखते हुए भी मौन दिखती है. शहर के अन्य हिस्सों में भी यह समस्या है.
सौरभ कुमार पिंटू, सोनारपट्टी
