गंठबंधन को लेकर कारगर नहीं हो सकी संघ की बैठक
सतह पर आ रहा भाजपा का अंतर्कलह
नवादा : गंठबंधन को लेकर भाजपा नेताओं की बढ.ती दूरीयों को सिमटाने के उद्देश्य से आरएसएस के विभिन्न घटकों की एक बैठक गुप्त रूप से आयोजित की गयी. बैठक में भाजपा के जिले के शीर्ष नेताओं को आमंत्रित किया गया था. परंतु, उनकेमुखर विरोध के बाद मामला बाहर आ गया. जानकारों की माने तो, यह बैठक भाजपा के साथ लोजपा व रालोसपा के गंठबंधन को लेकर कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं की स्थिति टटोलनी थी.
परंतु, विरोध इस कदर दिखा कि भाजपा के एक भी शीर्ष अधिकारी बैठक में हिस्सा नहीं ले सके और तो और दोनों भाजपा विधायक सहित जिलाध्यक्ष पार्टी कार्यालय में ही गुप्त मंत्रणा करने पहुंच गये. भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय मंत्री रेणु कुशवाहा ने भी हिस्सा लिया. इन सबों ने भी बैठक को अधिकारिक नहीं बताया. परंतु, दबी जुबान कहा, यह सब गंठबंधन का नतीजा है. हम पार्टी के इस निर्णय को सिरे से खारिज करते हैं, जिसके तहत भाजपा की सीट गंठबंधन के दूसरे दलों को जाने वाली है. अंदर खाने की माने, तो भाजपा की अंतर कलह अब सतह पर आता दिख रहा है.
वैसे कई भाजपाई इस प्रयास में हैं कि शीर्ष नेतृत्व को स्वीकार कर देश की राजनीति के तहत एक बार हम सबों को नरेंद्र मोदी के लिए निजी हितों को त्यागना होगा. परंतु, टिकट पर गिद्ध दृष्टि लगाये कुछ नेता इसे इतनी हवा देना चाह रहे हैं कि शीर्ष नेतृत्व बाध्य होकर नवादा सीट भाजपा के पाले में ही रखे. अब इस बैठक के नतीजे क्या आते हैं यह तो बाद में पता चलेगा. पर, अंदर की खिचड.ी ठीक से नहीं पक रही है.
