प्राकृतिक आपदा में विभाग तत्पर

आपदा के शिकार लोगों को मिल रहा योजनाओं का लाभ विगत दो वर्षों में 1.9 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में बांटे नवादा कार्यालय : आकस्मिक दुर्घटनाओं में कई परिवार पूरी तरह बिखर जाते हैं. कुदरत की घटनाओं के सामने आज भी इनसान लाचार है. भूकंप, वज्रपात, आगजनी, आंधी तूफान, प्राकृतिक जल स्रोतों में डूबने […]

आपदा के शिकार लोगों को मिल रहा योजनाओं का लाभ
विगत दो वर्षों में 1.9 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में बांटे
नवादा कार्यालय : आकस्मिक दुर्घटनाओं में कई परिवार पूरी तरह बिखर जाते हैं. कुदरत की घटनाओं के सामने आज भी इनसान लाचार है. भूकंप, वज्रपात, आगजनी, आंधी तूफान, प्राकृतिक जल स्रोतों में डूबने आदि से लोगों की जान चली जाती हैं. ऐसे में लोगों की मौत से इन परिवारों पर एकाएक विपदाओं का पहाड़ टूट पड़ता है. इसमें घर के बच्चों व महिलाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है. ऐसे परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने आपदा सहायता विधेयक बना कर लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था तय की है. भूकंप, सूखा, वज्रपात, बाढ़, नदी, आहर, तालाब में डूबने, सड़क दुर्घटना में मौत होने पर पीड़ित परिवारों को सरकार पर्याप्त मदद दे रही हैं. आपदा प्रबंधन विभाग प्राकृतिक आपदाओं के शिकार लोगों के पुनर्वास को तत्पर है.
मिलता मुआवजे का निश्चित रुपये
जिला आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के शिकार पीड़ितों को मुआवजा मुहैया कराया जाता हैं. पिछले दो वर्षों में विभाग ने पीड़ित परिवार के सदस्यों को एक करोड़ नौ लाख 50 हजार रुपये मुआवजा उपलब्ध कराया है. बरसात के मौसम में वज्रपात, आंधी तूफान में घर का दीवार गिरने व नदी, आहर, पोखर, तालाब आदि में डूबने से लोगों की मौतें हुईं. इसमें मृतक के परिजनों को सरकार द्वारा मुआवजे की राशि दी गयी. इससे परिवारों को मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिली हैं.
पुननिर्माण, पुनर्वास व आर्थिक सहायता प्राकृतिक आपदाओं से होनेवाली क्षति का नुकसान पहले से नहीं पता होता हैं. आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इसके प्रभाव को कम करने के लिए व्यापक उपाय किये जाते हैं. विभाग द्वारा सार्वजनिक जगहों पर प्रचार-प्रसार व जागरूकता कार्यक्रमों से लोगों को सुरक्षा व एहतियात के उपाय बताये जाते हैं. विभाग आपदा के बाद पुननिर्माण व विस्थापितों के पुनर्वास में भी मदद पहुंचाती हैं.
प्राकृतिक आपदाओं से निबटने में विभाग सक्रिय भूमिका निभा रही है. प्रचार-प्रसार द्वारा लोगों को जागरूक किया जाता हैं. स्थानीय प्राकृतिक आपदा के तहत वज्रपात, सड़क दुर्घटना, अग्निकांड, आंधी तूफान आदि के शिकार लोगों को मदद पहुंचायी गयी. शीतलहर के मद्देनजर जिले में प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था के लिए राशि निर्गत की गयी. विभिन्न घटनाओं में विभाग द्वारा कार्रवाई करके जान-माल की सुरक्षा के काम भी किये जाते हैं.
डॉ अनुपमा कुमारी, वरीय उप समाहर्ता, प्रभार, जिला आपदा प्रबंधन विभाग

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