पांच दिन बाद खुला बामदह बाजार

चकाई/चंद्रमंडीह : नक्सलियों के फरमान से दहशतजदा बामदह वासियों में सीआरपीएफ के फलैग मार्च से विश्वास बहाल हुआ है. पांच दिनों से बंद बामदह बाजार मंगलवार को पूर्णत: खुल गया. लगातार पांच दिनों के बंदी से बाजार में विरानगी छायी थी. विदित हो कि पुलिस मुखबिरी के आरोप में तीन वर्ष पूर्व कथित माओवादियों द्वारा […]

चकाई/चंद्रमंडीह : नक्सलियों के फरमान से दहशतजदा बामदह वासियों में सीआरपीएफ के फलैग मार्च से विश्वास बहाल हुआ है. पांच दिनों से बंद बामदह बाजार मंगलवार को पूर्णत: खुल गया. लगातार पांच दिनों के बंदी से बाजार में विरानगी छायी थी. विदित हो कि पुलिस मुखबिरी के आरोप में तीन वर्ष पूर्व कथित माओवादियों द्वारा बामदह के व्यवसायी समीर वर्णवाल, उमेश वर्णवाल, सुकदेव साह, विशुनदेव साह एवं चौकीदार बासो पासवान की गला रेतकर हत्या कर दी थी.

तब बड़ी संख्या में बामदह से व्यवसायी अपना घर दुकान छोड़ कर अन्यत्र पलायन कर गये थे. बाद में बीएमपी कैंप की स्थापना के बाद लोग पुन: अपने घर लौट आये. हाल के कुछ माह पूर्व एक दफा फिर माओवादियों पोस्टर चिपका ग्रामीणों पर बीएमपी कैंप हटाने का दबाब बनाना शुरू कर दिया. ऐसा नहीं करने पर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गयी थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >