नवादा नगर : शीतलहर व कनकनी ने लोगों के लिए समस्या बढ़ा दी है. जिला में कोहरे व धुंध का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. दोपहर में भी सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं. शाम के पहले से कनकनी ने काम की रफ्तार को धीमा कर दिया है. पछुआ हवा में जारी शीतलहर के कारण तापमान में निरंतर गिरावट आ रही है. इसके कारण आमजन सहमे हैं.
शीतलहर के असर से तापमान 10 डिग्री तक पहुंच गया है. ठंड का सबसे अधिक गरीब तबके के लोगों पर हो रहा है. कड़ाके की ठंड ने जिला में बेघर लोगों के लिए जिंदगी जीना भी चुनौती बना दिया है.
शहरी क्षेत्रों में तो समाजसेवी संगठनों या अन्य दानकर्ताओं के द्वारा गर्म कपड़े व कंबल आदि का वितरण गरीब परिवारों के बीच किया जा रहा है जबकि सबसे अधिक समस्या गांवों आदि में रहने वाले गरीब परिवारों को हो रही है. फटेहाल रहने वाले इन लोगों के लिए पुआल का ढ़ेर भी सही से नहीं मिल पा रहा है. बच्चे व बुर्जुगों को ठंड का असर अधिक प्रभावित कर रहा है.
अकबरपुर. तीन दिनों से लगातार पछुआ हवा चलने के कारण शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है. शीत लहर के कारण तापमान में तेजी से गिरावट आयी है. मंगलवार को सूरज की किरणें पूरे दिन दिखाई नहीं पड़ी थी. बुधवार को 12 बजे के बाद सूरज की किरणें दिखाई पड़ी. गुरुवार की सुबह से ही सूर्य का पता नहीं रहने व सर्द हवाओं से लोग घरों से निकलना पसंद नहीं कर रहे थे.
ठंड में ऐसे करें बचाव
अहले सुबह और देर शाम में घर से बाहर नहीं निकलें
बाहर निकलें, तो बदन को पूरी तरह ढक कर रखें
बासी व ठंडा खाना खाने से परहेज करें
कान व सिर ढक कर रखें, गुनगुने पानी का सेवन करें
नहाने में यदि गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं, तो बाथरूम से बाहर निकलते समय शरीर को गर्म शॉल से ढक लें
अस्थमा, ब्लडप्रेशर व दिल के मरीज विशेष सावधान रहें
बढ़ रही मरीजों की संख्या
ठंड के असर से कोल्ड डायरिया, फ्लू, वायरल फीवर, सर्दी, खांसी आदि के मरीज सदर अस्पताल या निजी क्लिनिकों में पहुंच रहे हैं. अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार तीन से चार सौ मरीज प्रतिदिन सुबह से शाम तक ओपीडी में पहुंच रहे हैं जबकि इमरजेंसी या अन्य तरीके से मरीजों का लगातार आना हो रहा है.
इस मौसम में सबसे अधिक कोल्ड डायरिया व फीवर के रोगी आ रहे हैं. अस्पताल उपाधीक्षक डॉ विमल प्रसाद ने कहा कि ठंड के असर से कई प्रकार की बीमारियां होती है. भर्ती होने वाले मरीजों को कंबल दिया जा रहा है. ठंड के कारण बीमार पड़ने वाले मरीजों के इलाज के लिए दवा अस्पताल में उपलब्ध है.
फुटपाथी लोगों के जीवन में ठिठुरन
बढ़ती ठंड के कारण फुटपाथ के किनारे रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. खासकर केजी रेल खंड का नवादा प्लेटफार्म जिला मुख्यालय में एक ऐसी जगह है जहां सार्वजनिक रूप से लोग गुजर बसर में लगे होते हैं. इसके अलावा शहर की गंदी बस्तियों में रहने वाले झोंपड़पट्टी के लोग मुश्किलों में है.
प्रशासन के द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव के इंतजाम की बात कही जा रही है लेकिन सच्चाई ऐसी नहीं है. बस स्टैंडों आदि पर लोग कचरा जला कर अपने को गर्म करने का नाकाम कोशिश करते दिखते हैं. देर रात से ही ट्रकों से सामान आदि उतारने के लिए मजदूर सड़कों पर किसी तरह ठंड सह कर काम करने को विवश होते है इनके लिए भी कहीं अलाव का साधन नहीं होता है.
