नवादा नगर : रेलवे सुरक्षा की अनदेखी करके रेलयात्रा करना कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. इलेक्ट्रिक इंजनवाली गाड़ियों के परिचालन के बाद रूट में ट्रेन की स्पीड बढ़ी है. मालवाहक ट्रेनें अब तेज गति से प्लेटफाॅर्म को छोड़ते हुए आती-जाती है. सोमवार को ट्रेन की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत ने बड़ा सवाल खड़ा किया है. प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर गया से गाड़ी आने के बाद दोनों महिलाएं सीढ़ी के बजाय पटरी पार करके एक नंबर प्लेटफाॅर्म पर जाना चाह रही थी. इसी बीच वे दूसरी तरफ से आ रहे ट्रेन के चपेट में आ गयी.
सुरक्षा की अनदेखी से हो रहे हादसे
नवादा नगर : रेलवे सुरक्षा की अनदेखी करके रेलयात्रा करना कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. इलेक्ट्रिक इंजनवाली गाड़ियों के परिचालन के बाद रूट में ट्रेन की स्पीड बढ़ी है. मालवाहक ट्रेनें अब तेज गति से प्लेटफाॅर्म को छोड़ते हुए आती-जाती है. सोमवार को ट्रेन की चपेट में आने से दो महिलाओं […]

इसके पहले 30 नवंबर 2018 को रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय एक युवक की ट्रेन से कट कर मौत हो चुकी है. बावजूद अभी भी लोग सचेत नहीं हो रहे हैं. स्टेशन पर प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर ट्रेन पकड़ने के लिए सीधे पटरियों को पार कर ही लोग उधर पहुंच जाते हैं. प्लेटफाॅर्म नंबर दो से एक नंबर पर आ जाते हैं. रेलवे पटरी से पार करते हुए ट्रेन पकड़ने की यह आदत बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.
सुरक्षा मानकों के पालन पर यात्री नहीं देते हैं ध्यान : रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा नियमों का पालन हो इसके लिए रेल पुलिस की सक्रियता नहीं दिखती है. पटरियों से प्लेटफाॅर्म को पार करने, जहां तहां सामान रखने तथा मनाही वाले सामान को लेकर यात्रा करने पर भी कोई रोक नहीं लग पाती है.
ओवर ब्रीज होने के बाद भी अक्सर जितनी भी गाड़ियां दो नंबर प्लेटफाॅर्म पर लगती है सभी में अधिकतर पैसेंजर उतरने व चढ़ने के लिए सीधे पटरियों को पार कर जाते हैं. रेलवे द्वारा बनाये गये सुरक्षा को नहीं मानने का नतीजा कई बार दुर्घटना के तौर पर देखने को मिली है. इसमें सुधार करने की जरूरत है.
क्रॉसिंग के पास दिखती है अव्यवस्था : ट्रेन आने की सूचना के बाद रेलवे का गेट बंद किया जाता है. कभी कभार लोग इसको अनदेखी कर किसी प्रकार से गाड़ियों को पार करके ट्रैक पार करते हैं जो हमेशा की खतरनाक होता है. क्रॉसिंग के पास बंद फाटक से गाड़ियों को पार करने की घटना आम होती है लोगों को सजग रहकर बचाव करने की जरूरत है.
रेलवे फाटक के पास न करें जल्दबाजी
रेलवे शहर से गुजरने वाली तीन रेलवे फाटक हैं. तीन नंबर बस स्टैंड जाने के लिए नवादा जमुई रोड पर बना फाटक, सूर्य मंदिर जाने वाले रास्ते का रेलवे फाटक तथा पारनवादा बुंदेलखंड के पास बने रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी पार करने वाले कुछ लोगों की जल्दबाजी दिखती है.
30 नवंबर 2018 को ही सूर्य मंदिर रेलवे फाटक संख्या 34 के पास एक युवक की मौत मालगाड़ी की चपेट में आने से हो गया. युवक कान में इयर फोन लगाकर रेलवे फाटक पार कर रहा था तभी किऊल की तरफ से आने वाली मालगाड़ी की चपेट में आ गया. सावधानी नहीं बरतने का नतीजा इसके पहले भी लोग भुगत चुके हैं बावजूद जल्दीबाजी में सुरक्षा को दरकिनार कर लोग मौत को गले लगाते हैं.
बोले अधिकारी
रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी है. विभाग के स्तर पर लगातार जागरूकता के कार्यक्रम किये जाते हैं. बावजूद लोग जल्दबाजी में गलती करते हैं. इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है. सजग रह कर ही अपना बचाव किया जा सकता है.
आइडी चौधरी, रेल प्रबंधक