नवादा नगर : जल संचयन को जन अभियान बनाकर पर्यावरण रक्षा के लिए सभी को अपनी सहभागिता निभानी होगी. उक्त बातें केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा ने जिला के अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कहीं. मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जल शक्ति अभियान को धरातल पर उतारने के लिए गहन चर्चा व मंथन की गयी.
जल संचयन को बनाना होगा जन अभियान पर्यावरण के संरक्षण से ही बचेगी भू-धरा
नवादा नगर : जल संचयन को जन अभियान बनाकर पर्यावरण रक्षा के लिए सभी को अपनी सहभागिता निभानी होगी. उक्त बातें केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा ने जिला के अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कहीं. मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जल शक्ति अभियान को धरातल पर उतारने के […]

वर्षा जल के हर बूंद को बचाने के लिए जिला स्तर पर किये जा रहे कामों से संयुक्त सचिव रू-ब-रू हुए. उन्होंने कहा कि पानी को खर्च करने में सावाधानी बरतने की आदत बनानी होगी. पानी बचेगा तभी जीवन बच पायेगा. डीएम कौशल कुमार के अलावा अन्य अधिकारियों को विभाग के अनुसार कार्ययोजना बनाकर प्रतिदिन उसकी रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव अधिकारी के द्वारा दिया गया.
आज मेसकौर का करेंगे दौरा : कृषि सहकारिता किसान कल्याण विभाग, केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा व उनकी टीम बुधवार को मेसकौर प्रखंड में जल संचयन के लिए चल रही योजनाओं का निरीक्षण करेंगे. प्रखंड क्षेत्र में पानी की कमी को किस प्रकार से दूर किया जाये इसपर पूरा फोकस किया जायेगा.
अधिकारी रहे मौजूद : बैठक में डीएम कौशल कुमार, डीडीसी सावन कुमार, एडीएम, जिला कृषि पदाधिकारी अरविंद सिन्हा, उप निदेशक भूमि संरक्षण संजय कुमार शर्मा, डीपीआरओ गुप्तेश्वर कुमार, समाजसेवी डॉ़ आरपी साहु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि मुखिया, जिप सदस्य, वार्ड सदस्य आदि ने भाग लिया.
जल की कमी होगी दूर
भविष्य में जल की कमी को दूर करने के लिए जल संचय के विभिन्न उपायों पर चर्चा की गयी. कृषि सहकारिता किसान कल्याण विभाग केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा को जानकारी दी गयी कि मेसकौर प्रखंड के सभी योजनाओं के लिए डीपीआर बनाए गये हैं. अधिकारी ने कहा कि योजना कितना पूर्ण और कितना अपूर्ण है, इसका रिपोर्ट तैयार कर जल्द उपलब्ध कराया जायेगा. जिले में भीषण गर्मी के कारण वाटर लेवल काफी नीचे चला गया है.
अभी हाल में लगातार वर्षा हो रही है. फिर भी सिंचाई करने के लिए जल स्तर को बनाये रखना बहुत जरूरी है. सभी प्रखंडों में चलाये जा रहे भूमि संरक्षण विभाग द्वारा सभी योजनाओं की स्थिति का रिपोर्ट जल्द तैयार करने को कहा. उन्होंने कहा कि बड़ा तालाब, छोटा तालाब, पक्का चेक डैम, अद्रैन चेक डैम, आहर, पईन आदि को क्रियाशील करने की जरूरत है.
मेसकौर को बनाया जायेगा मॉडल, उतारी जायेगी योजनाएं
मेसकौर प्रखंड में पानी की कमी को देखते हुए वाटर हार्वेस्टिंग के योजनाओं को सही रूप से धरातल पर उतारने के लिए रिसर्च के रूप में मेसकौर को चुना गया है. संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा ने कहा कि पानी को बचाने के उपायों पर पूरी तरह से काम करना है.
पौधारोपण पर जोर
जल शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों में जागरूकता अभियान चलाना है. इसके अलावे सभी सड़कों के दोनो किनारों पर नये पौधे लगाने, सरकारी व गैर सरकारी जमीनों पर भी अधिक से अधिक पौधे लगाने के बाद उसकी रक्षा करने के लिए भी अभियान चलाने का संकल्प लिया गया. सभी पंचायतों में वार्ड स्तर पर ग्रामीणों के बीच जन जागरूकता फैलाकर श्रम दान हेतु लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया गया.
उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र के अलावे जितने भी उपाय हैं, सार्वजनिक तौर पर जन आंदोलन कर आम आदमी को प्रेरित करने की जरूरत है, ताकि जल का संचय हर आदमी के जेहन में बैठ जाये कि हमें भी इस संकट को दूर करना है. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वाटर हार्वेस्टिंग केंद्र सभी सरकारी कार्यालयों, आवासों व विद्यालयों में भी बनाना सुनिश्चित करें ताकि जल स्तर को बनाया रखा जा सके.
सार्वजनिक ताल तलैया बचाने की हो पहल
जिले में सरकारी एवं सार्वजनिक तालाबों, आहर, पइन पर अतिक्रमण हटाना सुनिश्चित करने को कहा गया. अतिक्रमण करनेवालों पर सख्त कार्रवाई करें. बैठक में भवन विभाग के पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिला अन्तर्गत न्यायायिक भवनों, आवासीय, गैर आवासीय भवनों, सभी स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का प्राक्कलन शीघ्र तैयार करें ताकि प्राकृतिक जल स्तर को बनाया रखा जा सके.