Nawada news : नवादा कार्यालय, सदर अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में जिले के सभी प्रखंडों से मरीज एक्स-रे और टीबी की जांच करवाने आते हैं. जिस भवन में ये जांचें की जाती हैं, वह पूरी तरह जर्जर हो चुका है. स्थिति यह है कि आए दिन छत का हिस्सा टूटकर गिरता रहता है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस भवन को खाली करने का निर्देश सालों पहले जारी कर दिया गया था, परंतु एक्स-रे और टीबी जांच विभाग को अब तक जगह उपलब्ध नहीं करायी गयी. नतीजतन, मरीज और स्वास्थ्यकर्मी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं. कुछ दिन पहले ही कौआकोल पीएचसी में जर्जर छत की सीलिंग गिरने से एक स्वास्थ्यकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गयी थी, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है.
हादसे के साये में हो रही जांच
सदर अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज एक्स-रे के लिए आते हैं. इलाज के लिए आने वाले इन मरीजों को यह भी पता नहीं होता कि जिस भवन में वे जा रहे हैं, वह कभी भी गिर सकता है. एक्स-रे विभाग में पहले भी कई बार सीलिंग टूटकर गिर चुकी है और स्वास्थ्यकर्मी घायल हो चुके हैं, फिर भी विभाग अब तक नींद से नहीं जागा है.
तकनीशियनों को सता रहा डर
जिस भवन में मरीज और तकनीशियन बैठते हैं, वहां हमेशा छत की सीलिंग गिरती रहती है. इससे कर्मियों और मरीजों के जीवन पर खतरा बना रहता है. विभाग द्वारा पहले भी कई बार आश्वासन दिया गया, परंतु आज तक कोई स्थायी निदान नहीं निकाला गया. कर्मियों का कहना है कि पेट की खातिर वे जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
मरीज और स्वास्थ्यकर्मियों के हितों का पूरी तरह ख्याल रखा जा रहा है. छतों की सीलिंग टूटकर गिरने की बात संज्ञान में आयी है. विभाग से चर्चा के बाद जल्द ही एक्स-रे और टीबी जांच विभाग को दूसरी जगह शिफ्ट किया जायेगा. इन सभी बातों को लेकर सदर अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सजग है.
– डॉ विनोद कुमार चौधरी, सीएस, सदर अस्पताल, नवादा
