दक्षिण बिहार में बनेगी 21 KM की हाईटेक सड़क, 482 करोड़ की परियोजना से इन 6 जिलों को होगा फायदा

Bihar News: दक्षिण बिहार के विकास को नई रफ्तार देने वाली सरमेरा-पचना ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना पर काम तेज हो गया है. 482 करोड़ रुपये की इस योजना से शेखपुरा समेत छह जिलों को सीधा फायदा मिलेगा और जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

Bihar News: दक्षिण बिहार के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. नालंदा के सरमेरा से शेखपुरा के पचना तक बनने वाली ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है. करीब 482 करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी योजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकती है.

लगभग 21 किलोमीटर लंबी यह सड़क बनने के बाद कई जिलों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था. अब जमीन अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

172 करोड़ में मिला निर्माण का टेंडर

इस सड़क परियोजना के निर्माण का टेंडर टॉप लाइन इंफ्रा कंपनी को 172 करोड़ रुपये में दिया गया है. वहीं करीब 289 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे. प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों को नोटिस जारी कर दावा और आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि सरकार इस परियोजना को तय समय पर पूरा करना चाहती है.

छह जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

नई सड़क बनने के बाद नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, पटना और मुंगेर जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा. इसके अलावा बांका, देवघर और आसपास के इलाकों तक पहुंच आसान होगी. भारी वाहनों के लिए यह सड़क एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग बनेगी. इससे शेखपुरा शहर में लगने वाले जाम और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है.

किसानों और व्यापारियों को होगी राहत

इस परियोजना का सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण इलाकों को मिलने वाला है. भदौस, पचना, सरमेरा और आसपास के गांवों में कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी. छोटे व्यापारियों और स्थानीय बाजारों को भी नई रफ्तार मिलेगी. लोगों का मानना है कि सड़क बनने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और इलाके में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी.

नीतीश कुमार ने किया था ऐलान

इस सड़क परियोजना की घोषणा नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान की थी. अब परियोजना पर तेजी से काम शुरू होने से लोगों में उत्साह बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क केवल दूरी कम नहीं करेगी, बल्कि दक्षिण बिहार के पिछड़े इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगी.

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By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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