Nalanda News: (हिलसा) पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर उपेंद्र प्रसाद सिंह ने शनिवार को हिलसा स्थित श्रीचंद उदासीन महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि
कुलपति ने सबसे पहले महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर शिवचंद्र सिंह के साथ संस्थापक बाबा विष्णु प्रकाश उदासीन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने महाविद्यालय में प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की. अधिकांश शिक्षकों एवं कर्मियों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई, हालांकि कुछ शिक्षकों के विलंब से आने पर कुलपति ने समय की पाबंदी बरतने की चेतावनी दी.
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि महाविद्यालय में पाली, उर्दू, अंग्रेजी एवं बॉटनी विषयों के लिए स्थायी शिक्षकों की कमी है। इस पर कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए बिहार सरकार से बातचीत करने का आश्वासन दिया.
बॉटनी की कक्षा का निरीक्षण किया
इस दौरान कुलपति ने कक्ष संख्या-5 में चल रही बॉटनी की कक्षा का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से विषय से संबंधित सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक स्थिति का भी आकलन किया.
कुलपति ने प्राचार्य को महाविद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण रोकने तथा परिसर स्थित ऐतिहासिक तालाब एवं अन्य धरोहरों के संरक्षण को लेकर आवश्यक निर्देश दिए.
इनकी मौजूदगी रही
इस अवसर पर डॉ. पी.सी. चौरसिया, डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ. शिवजी सिंह ठाकुर, प्रोफेसर संदीपा इंद्रा, डॉ. ए.के. झा, साहित्यकार एवं संघ अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार नयन, डॉ. घनश्याम कुमार, डॉ. पंकज कुमार सिंह, डॉ. मनोज कुमार, कुमार पवन, बीएसए शिक्षक राजमणि कुमार, डॉ. सम्राट सरकार, बड़ा बाबू सुभद्रा सिन्हा, लेखापाल रोनित रॉय, मधुसूदन कुमार, राजा कुमार, शैलेश कुमार, गुड्डू कुमार, चिंटू, बीरेंद्र, संगीता, वजरंगी लाल वर्मा, नवीन, अजीत, प्रमेंद्र, मो. वसीम सहित छात्र संघ के आशीष पटेल, विभूति यादव, धर्मेंद्र यादव, विकास चंद्रवंशी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे.
