Nalanda News (कंचन कुमार ): सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित और नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट सिटी भवन स्थित आईसीसीसी सभागार में पीएम राहत कैशलेस ट्रीटमेंट योजना पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया. यातायात डीएसपी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और आयुष्मान भारत से जुड़े निजी अस्पताल संचालकों ने भाग लिया.
सात दिनों तक मुफ्त इलाज की सुविधा
जिला रोलआउट मैनेजर तनवीर आलम ने बताया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. साथ ही सात दिनों तक मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी. इसका उद्देश्य आर्थिक कारणों से इलाज में होने वाली देरी को रोकना और सड़क हादसों में मौतों को कम करना है.
पुलिस सत्यापन के बाद जेनरेट होगी एक्सीडेंट ID
योजना के तहत संबंधित अस्पताल पहले टीएमएस 2.0 पोर्टल पर मरीज का पंजीकरण करेगा. इसके बाद पुलिस 24 से 48 घंटे के भीतर घटनास्थल का सत्यापन कर आईआरएडी सिस्टम से एक्सीडेंट आईडी जेनरेट करेगी. इलाज का खर्च बीमा कंपनी या जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन सीधे अस्पताल को भुगतान करेगा.
जिले के कई निजी अस्पताल योजना से जुड़े
योजना से जिले के कई चिन्हित निजी अस्पतालों को जोड़ा गया है. इनमें दिव्या ज्योति हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, मेडिकेयर इमरजेंसी हॉस्पिटल, अल शिफा सर्जिकल हॉस्पिटल और सिद्धि विनायक हड्डी हॉस्पिटल, बिहारशरीफ शामिल हैं. इसके अलावा राजगीर का शांति हॉस्पिटल तथा छब्बीलापुर स्थित केके मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल को भी सूचीबद्ध किया गया है.
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