Nalanda News: राजगीर मलमास मेला 2026, डीएम-एसपी ने परखीं तैयारियाँ, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बिछाया हाईटेक जाल

Nalanda News: बिहार की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक नगरी राजगीर में आयोजित होने वाले 'राजकीय मलमास मेला 2026 को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने गुरुवार देर शाम को मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया.

Nalanda Malmas Mela: (सुनील कुमार) बिहार की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक नगरी राजगीर में आयोजित होने वाले ‘राजकीय मलमास मेला 2026 को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने गुरुवार देर शाम को मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया.

अधिकारियों ने ब्रह्मकुंड से लेकर टेंट सिटी तक की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और अधिकारियों को अंतिम चरण के कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया.

​पहली बार ‘ले-आउट प्लान’ से सज रहा मेला क्षेत्र

​डीएम कुंदन कुमार ने बताया कि इस वर्ष मेले के प्रबंधन में तकनीक और आधुनिकता का समावेश किया गया है. पहली बार पूरे मेला क्षेत्र, ब्रह्मकुंड और वैतरणी का एक विस्तृत ले-आउट प्लान तैयार किया गया है.

श्रद्धालुओं के रुकने के लिए VIP टेंट सिटी सहित 15 प्रमुख स्थानों पर ‘जर्मन हैंगर’ पंडाल लगाए गए हैं.

​गर्मी से बचने के लिए

ब्रह्मकुंड परिसर में श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए मिस्ट फैन (Mist Fan) और कूलर की व्यवस्था की गई है. साथ ही कतार प्रबंधन के लिए आधुनिक ‘जिग-जैग’ रेलिंग बनाई गई है.

​सुरक्षा का ‘हाईटेक’ चक्रव्यूह और रेड कॉरिडोर

​भीड़ नियंत्रण के लिए इस बार प्रशासन ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं.

​आपातकालीन रास्ता: पहली बार ब्रह्मकुंड तक एक ‘रेड कॉरिडोर’ बनाया गया है, जो केवल इमरजेंसी (चिकित्सा या सुरक्षा) के लिए आरक्षित रहेगा.

​निगरानी: 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और 16 वॉच टावर के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी.

बफर जोन: भीड़ का दबाव कम करने के लिए तीन स्थानों पर होल्डिंग एरिया और बफर जोन विकसित किए गए हैं.

ब्रह्मकुंड में श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु ‘ऑक्सीजन लेवल मापक यंत्र’ भी स्थापित किया गया है.

​सुविधाओं का अंबार: दीदी की रसोई और आपदा मित्र
​श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है.

​सस्ते और पौष्टिक भोजन के लिए 14 स्थानों पर 25 ‘दीदी की रसोई’ स्टॉल लगाए जा रहे हैं.

​स्वास्थ्य को लेकर व्यापक व्यवस्था

मेला क्षेत्र में 8 अस्थायी अस्पताल, 18 शिविर और 16 एंबुलेंस चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी. इसके साथ 1700 सफाईकर्मियों की फौज तैनात की गई है, जिसकी मॉनिटरिंग मोबाइल ऐप के जरिए होगी.

​पेयजल व शौचालय की व्यवस्था

300 प्याऊ और लगभग 1350 शौचालयों की व्यवस्था की गई है ताकि स्वच्छता बनी रहे.

​निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता सहित पूजा समिति के सदस्य और पांडा समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आस्था के इस महापर्व में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Ranjan

विवेक रंजन टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.

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