बिहारशरीफ : जिले के हरेक पीएचसी में अंतरा कीउपलब्धि बढ़ाने का टास्क बीसीएम को दिया गया. अंतरा के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए गांव-कसबों व टोलों-मुहल्लों में प्रचार-प्रसार करने को कहा गया. बुधवार को सदर अस्पताल परिसर अवस्थित संचालित सदर पीएचसी के सभागार में जिले के बीसीएम की आयोजित बैठक में यह टास्क अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रवींद्र कुमार ने कर्मियों को दिया.
बीसीएम को मिला अंतरा की उपलब्धि बढ़ाने का टास्क
बिहारशरीफ : जिले के हरेक पीएचसी में अंतरा कीउपलब्धि बढ़ाने का टास्क बीसीएम को दिया गया. अंतरा के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए गांव-कसबों व टोलों-मुहल्लों में प्रचार-प्रसार करने को कहा गया. बुधवार को सदर अस्पताल परिसर अवस्थित संचालित सदर पीएचसी के सभागार में जिले के बीसीएम की आयोजित बैठक में यह टास्क […]

उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सरकार की ओर से अंतरा सूई की व्यवस्था की गयी है. यह सूई जिले के हरेक सरकारी अस्पताल में सहज रूप से उपलब्ध है.
साथ ही यह मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है. परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत इच्छुक महिलाएं निकट के सरकारी अस्पतालों में जाकर अंतरा का इंजेक्शन लगा सकती है. हर तीन माह पर एक अंतरा का इंजेक्शन लगाया जाता है. उन्होंने बीसीएम को निर्देश दिया कि पीएचसी क्षेत्र में एएनएम व आशा के माध्यम से अंतरा का प्रचार-प्रसार कराएं, ताकि लोग इसके प्रति जागरूक हो सकें.
अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम को भी बनाएं सफल
उन्होंने यह भी टास्क दिया कि वेक्टर जनित रोगों के बारे में भी लोगों को जानकारी दें ताकि डेंगू, कालाजार, जापानी इंसेफ्लाइटिस, एइएस, मलेरिया, फाइलेरिया आदि बीमारियों से लक्षण, बचाव आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी जाये. एसीएमओ डॉ कुमार ने कहा कि अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम को सफलीभूत बनाने के लिए पीएचसी के ओपीडी में इलाज कराने आनेवाले नेत्र रोगियों की पहचान करें. चिह्नित रोगियों को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए उसे सदर अस्पताल में रेफर करें.
यहां पर चिह्नित नेत्र रोगियों का नेत्र विशेषज्ञ द्वारा ऑपरेशन किया जाता है. मोतियाबिंद रोगियों को लेंस भी लगाया जाता है. एसीएमओ ने बीसीएम को निर्देश दिया कि अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम को लोगों को बताएं, ताकि इसका लाभ लोग सहज रूप से उठा सकें.