नयी तकनीक नहीं अपनायी तो 280 ईंट भट्ठे हो जायेंगे अवैध

बिहारशरीफ : जिले के 280 ईंट-भट्ठों पर एक सितंबर से अवैध होने की तलवार लटक जायेगी. जिले में 280 रजिस्टर्ड ईंट-भट्ठों के अब बंद हो जाने की आशंका बढ़ गयी है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी ईंट-भट्ठों के संचालकों को अपनी चिमनियों को स्वच्छतर तकनीक बदलने के लिए 31 अगस्त तक की मोहलत दी थी. […]

बिहारशरीफ : जिले के 280 ईंट-भट्ठों पर एक सितंबर से अवैध होने की तलवार लटक जायेगी. जिले में 280 रजिस्टर्ड ईंट-भट्ठों के अब बंद हो जाने की आशंका बढ़ गयी है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी ईंट-भट्ठों के संचालकों को अपनी चिमनियों को स्वच्छतर तकनीक बदलने के लिए 31 अगस्त तक की मोहलत दी थी. जिला खनन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक एक भी ईंट-भट्ठा संचालक ने प्रदूषण बोर्ड से एनओसी नहीं प्राप्त किया है. ईंट-भट्ठा इकाइयां भारी मात्रा में प्रदूषण फैला रही थीं.

इसको देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सूबे के सभी ईंट-भट्ठा संचालकों को 31 अगस्त तक अपनी इकाइयों में स्वच्छतर तकनीक में बदलने का आदेश दिया है. प्रदूषण बोर्ड से एनओसी नहीं मिलने के कारण जिले के सभी ईंट-भट्ठों पर अवैध होने का खतरा उत्पन्न हो गया है. इन्हें स्वच्छ तकनीक में बदलाव लाकर ऑनलाइन शपथ पत्र देना था. साथ ही किये गये बदलाव का फोटो भी जमा करना था. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सभी ईंट-भट्ठों संचालकों को चेतावनी दी गयी थी कि बिना सहमति पत्र प्राप्त किये ईंट-भट्ठा का संचालन करना अवैध है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पांच वर्ष के लिये ईंट-भट्ठा संचालन की अनुमति दी जाती है.

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नयी टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए 31 तक दी थी मोहलत
क्या कहते हैं अधिकारी
एक सितंबर से ईंट-भट्ठा नये क्लिनर टेक्नोलॉजी से ही संचालित होगी. बिना नयी टेक्नोलॉजी अपनाये ईंट-भट्ठों में न तो लेईंग और न फायरिंग होगी. बरसात के दिनों में ईंट-भट्ठों में उत्पादन बंद होता है. नवंबर-दिसंबर से ईंट-भट्ठे फिर से चालू होंगे. जुलाई में नालंदा में योगदान दिया हूं. अब तक एक भी ईंट-भट्ठा संचालकों द्वारा प्रदूषण बोर्ड से एनओसी प्राप्त करने की सूचना नहीं मिली है.
डॉ घनश्याम झा, जिला खनन पदाधिकारी, नालंदा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >