बिहारशरीफ : कालाजार की रोकथाम के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने उत्प्रेरक बालूमक्खी के लार्वा को खत्म की योजना बनायी है. जिले के जिन इलाकों में कालाजार के मरीज मिले हैं वहां दवा का स्प्रे कराया जायेगा. जिला मलेरिया विभाग ने सभी तैयारी पूरी कर ली है. इसके लिए मलेरिया विभाग ने माइक्रो प्लान बनाया […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : कालाजार की रोकथाम के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने उत्प्रेरक बालूमक्खी के लार्वा को खत्म की योजना बनायी है. जिले के जिन इलाकों में कालाजार के मरीज मिले हैं वहां दवा का स्प्रे कराया जायेगा. जिला मलेरिया विभाग ने सभी तैयारी पूरी कर ली है. इसके लिए मलेरिया विभाग ने माइक्रो प्लान बनाया है, जिसे राज्य मलेरिया विभाग के पास भेजा गया था. वहां से इस पर मुहर लगा दी गयी है. माइक्रो प्लान के तहत 19 अगस्त (रविवार) से एसपी (सेथेंटिक पाराथ्राइट) नामक दवा का स्प्रे किया जायेगा, जो दो माह तक चलेगा.
दवा के छिड़काव के लिए 13 प्रखंडों का चयन किया गया है. चयनित प्रखंडों के चिह्नित गांवों में छिड़काव दल के सदस्य दवा का स्प्रे करेंगे. जिलास्तरीय पदाधिकारी इसकी निगरानी करेंगे. इस काम के लिए जिला मलेरिया विभाग ने छिड़काव दल बनाया है. दल में शामिल सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया है. छिड़काव दल के सदस्यों व विभागीय कर्मियों को स्थलीय ट्रेनिंग दी गयी है. दल के सदस्यों को घोल बनाने के साथ एहतियात बरतने की जानकारी दी गयी है. जिले में कुल पांच छिड़काव दल बनाये गये हैं.
जिले में हैं कालाजार के 13 मरीज : जिले में कालाजार के 13 मरीज हैं. इन मरीजों की चिकित्सा जिला मलेरिया विभाग की ओर से की जा चुकी है. पिछले साल की अपेक्षा इस बार कम मीरज मिले हैं. जिला मलेरिया विभाग के अधिकारी व कर्मी इस रोग पर काबू पाने के लिए हमेशा सजग हैं. चिह्नित रोगियों को एमबीसोम नामक इंजेक्शन दिया गया है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले के 13 प्रखंडों के 51 गांवों में दवा का छिड़काव किया जायेगा़ जिले के चयनित प्रखंडों के चिह्नित गांवों में छिड़काव करीब दो माह तक चलेगा. छिड़काव को लेकर माइक्रो प्लान बनाया गया है. छिड़काव दल के सदस्य चयनित गांवों के हर घर में जायेंगे और दवा का स्प्रे करेंगे.