बिहारशरीफ : शहरी क्षेत्र में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए काम किया जायेगा. इसको स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है. इसके तहत जल संचय की नयी पहल की जायेगी. पहले चरण में शहर के सरकारी भवनों में इसके लिए उपकरण लगाये जायेंगे. इसके लिए जल्द टेंडर निकाला जायेगा. इसके […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : शहरी क्षेत्र में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए काम किया जायेगा. इसको स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है. इसके तहत जल संचय की नयी पहल की जायेगी. पहले चरण में शहर के सरकारी भवनों में इसके लिए उपकरण लगाये जायेंगे. इसके लिए जल्द टेंडर निकाला जायेगा. इसके लिए वैसी एजेंसी का चयन किया जायेगा,
जिसको इसका अनुभव है. स्मार्ट सिटी के सीईओ सौरभ जोरवाल ने बताया कि टेंडर के लिए बड़े शहरों में विज्ञापन प्रकाशित की जायेगी. बेहतर एजेंसी का चयन वर्षा के जल को संरक्षित करने के लिए की जायेगी. बारिश के पानी को जमा करके उसे फिल्टर करके पीने में इस्तेमाल किया जायेगा. सरकारी कार्यालयों में नगर निगम, समाहरणालय, एसडीओ ऑफिस, इंडस्ट्रलीय एरिया सेंटर, बीएसएनएल, सेल्स टैक्स कार्यालय का चयन किया जायेगा. सरकारी भवनों में हजारों लीटर पानी बारिश के मौसम में बर्बाद हो जाया करता है.
शहर के तालाबों का होगा सौंदर्यीकरण : प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी के तहत शहर के नौ तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा. इसकी सूची भी तैयार कर ली गयी है. इन तालाबों में भी बारिश के पानी को जमा किया जायेगा. तालाबों का सौदर्यीकरण किये जाने के बाद उस पानी का इस्तेमाल किया जा सकेगा. शहर के बाबा मणिराम अखाड़ा तालाब, बड़ी दरगाह, हौज बब्बर, आशानगर तालाब, सिंगाहाट पड़तली, टिकुलीपर, पक्की तालाब, धनेशवरघाट तालाब, कल्याणपुर गौरागढ़ के तालाब शामिल हैं.
बारिश के पानी को पीने के लायक बनाने की पहल की जायेगी. इसका प्रोजेक्ट बनाया गया है. स्मार्ट सिटी के तहत कार्य को धरातल पर उतारा जायेगा.