मिट्टी का घर गिरा, सात लोग दबे

मुहल्लावासियों ने मलबे से सभी को सकुशल बाहर निकाला घटना नगरनौसा बाजार के कंचन भवन बड़ी मस्जिद मुहल्ले की नगरनौसा : स्थानीय थाना क्षेत्र के नगरनौसा बाजार स्थित कंचन भवन बड़ी मस्जिद मुहल्ले में गुरुवार की अहले सुबह शिशुपाल पासवान का मकान अचानक गिर पड़ा, जिसमें पति-पत्नी व उनके पांच बच्चे मलबे में दब गये. […]

मुहल्लावासियों ने मलबे से सभी को सकुशल बाहर निकाला

घटना नगरनौसा बाजार के कंचन भवन बड़ी मस्जिद मुहल्ले की
नगरनौसा : स्थानीय थाना क्षेत्र के नगरनौसा बाजार स्थित कंचन भवन बड़ी मस्जिद मुहल्ले में गुरुवार की अहले सुबह शिशुपाल पासवान का मकान अचानक गिर पड़ा, जिसमें पति-पत्नी व उनके पांच बच्चे मलबे में दब गये. शोर सुनकर पहुंचे मुहल्ला के लोगों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला. पीड़ित शिशुपाल पासवान ने बताया कि घटना करीब चार साढ़े चार बजे की है. घर के सारे लोग उस वक्त घर में सो रहे थे. अचानक मिट्टी की दीवार गिर पड़ी, जिसमें घर के सभी सदस्य दब गये. शोर मचाने पर मुहल्ले के लोग जुटे तथा शिशुपाल पासवान व उसकी पत्नी शोभा देवी को बाहर निकाला.
इसके बाद शोभा देवी ने ग्रामीणों को बताया कि उनके बच्चे भी मलबे में दबे हैं. इसके बाद मलबे को हटाकर पांचों बच्चों जितेंद्र कुमार, रूपा कुमारी, स्वीटी कुमारी, सुरुचि कुमारी व प्रिंस कुमार को सकुशल बाहर निकाल लिया गया. वहीं, मलबे में दबने से गंभीर रूप से जख्मी शोभा देवी को स्थानीय निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया. अन्य लोग सही-सलामत हैं. सूचना मिलते ही बीडीओ रितेश कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मिले. उन्होंने प्रावधान के अनुसार हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. जख्मी शोभा देवी को देखने बीडीओ निजी क्लिनिक में भी गये. जख्मी महिला को बेहतर इलाज के लिए पीएचसी में लाया गया, जहां बीडीओ ने चिकित्सकों को अच्छी तरह से इलाज करने का निर्देश दिया.
सूचना मिलने के बाद भी नहीं पहुंचे मुखिया : घटनास्थल से महज कुछ ही दूरी पर पंचायत के मुखिया का भी घर है, परंतु सूचना के बाद भी वे घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और न ही घटना की जानकारी प्रखंड के अधिकारियों को दी. इससे लोगों में मुखिया सुरेंद्र पासवान के प्रति नाराजगी देखी जा रही है.
पूर्व वार्ड सदस्य का भी घर मिट्टी का : जिस मोहल्ले में यह हादसा हुआ उस मुहल्ले में पंचायत के पूर्व वार्ड सदस्य का घर भी बगल में ही है और उनका भी घर मिट्टी का ही है. वार्ड सदस्य पांच साल तक रहने के दौरान उन्हें भी इंदिरा आवास का लाभ अब तक नहीं मिला है.
मिट्टी के आवास देख बीडीओ भौचक
बीडीओ रितेश कुमार जब मस्जिद टोले में पहुंचे तो मुहल्ले में कई गरीबों के कच्चे मिट्टी के मकान देख भौचक रह गये. उन्होंने ग्रामीणों से इंदिरा आवास अब तक नहीं मिलने का कारण पूछा. मुहल्ले के लोगों ने बीडीओ को बताया कि इंदिरा आवास सूची में नाम होने के बावजूद बिचौलियों द्वारा नाम काट दिया जाता है. बीडीओ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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