टीआर संरक्षित करने के लिए नये रिकार्ड रूम का कुलपति ने किया शुभारंभ

टीआर संरक्षित करने के लिए नये रिकार्ड रूम का कुलपति ने किया शुभारंभ

मुजफ्फरपुर. बीआरएबीयू में पुराने टेबुलेटिंग रजिस्टर (टीआर) और वर्तमान परीक्षाओं के रिकार्ड से लेकर अन्य डॉक्यूमेंट्स के संरक्षण के लिए नए भवन का शुभारंभ किया गया. कुलपति प्रो.डीसी राय ने मंगलवार को दूसरे कक्ष में रिकार्ड रुम के शिफ्ट होने पर उसका फीता काटकर उद्घाटन किया. परीक्षा विभाग के कमरा संख्या-15 में अधिक स्पेश होने के कारण अब इसे ही रिकार्ड रूम बनाया गया है. यहां करीब 70 वर्ष पुरानी टीआर और अन्य रिकार्ड को शिफ्ट किया गया है. यहां इसका रखरखाव ठीक तरीके से किया जा सकेगा. डिग्री सेक्शन में एक छोटे कक्ष में पुराने टीआर रखे थे. उनमें से किसी भी टीआर को ढूंढना मुश्किल होता था. वहीं कम स्पेस में अधिक टीआर रखे जाने के कारण निकालने के क्रम में अक्सर वे फट जाते थे. कुलपति ने पाया कि विश्वविद्यालय में लगातार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है. ऐसे में उस कक्ष में अब और परेशानी होगी. इसको देखते हुए टीआर और अन्य रिकार्ड को नये कक्ष में शिफ्ट कर दिया गया है. नये हॉल में वर्ष वार टीआर को अलग-अलग रखा जाएगा. इससे जिस वर्ष की डिग्री निकालनी होगी या टीआर देखना होगा. संबंधित खंड से उसे निकालकर आसानी से देख कर सत्यापन किया जा सकेगा. बता दें कि विश्वविद्यालय की ओर से पुराने टीआर काे डिजिटाइज करने की योजना है. पुराने कई वर्षों के टीआर को डिजिटाइज किया जा चुका है. वहीं अब वर्ष वार टीआर के अलग होने पर उसे आसानी से सॉफ्ट फॉर्मेट में कन्वर्ट हो सकेगा.

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