Vehicle Ownership Transfer: बिहार में अब पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री और ओनरशिप ट्रांसफर की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है.अब बिना वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) दर्ज किए किसी भी वाहन का ट्रांसफर संभव नहीं हो सकेगा.इस कदम से फर्जीवाड़े और धांधली पर पूरी तरह लगाम लगेगी.
फर्जी कागजात और धांधली पर लगेगा ब्रेक
अक्सर पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री में वाहन मालिक की जानकारी या अनुमति के बिना फर्जी कागजात के आधार पर गाड़ियां ट्रांसफर कराने की शिकायतें मिलती थीं.इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने अपने पोर्टल और सॉफ्टवेयर में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है. इससे वाहन मालिकों को साइबर ठगी और धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी.
रजिस्टर्ड मोबाइल पर आएगा ओटीपी
नए सिस्टम के तहत,जैसे ही ओनरशिप ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होगी,वाहन मालिक के पंजीकृत (रजिस्टर्ड) मोबाइल नंबर पर तुरंत एक ओटीपी जाएगा.जब तक वह ओटीपी सिस्टम में दर्ज नहीं किया जाएगा,तब तक ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी.
राज्यभर में जल्द लागू होगी नई व्यवस्था
परिवहन विभाग ने इसके लिए सॉफ्टवेयर को पूरी तरह से अपग्रेड और तैयार कर लिया है.विभाग की योजना इस नई और पारदर्शी व्यवस्था को जल्द ही पूरे बिहार में एक साथ लागू करने की है.
ये भी पढ़ें: बेखौफ अपराधियों का तांडव: 9 घंटे में 3 महिलाओं से चेन स्नेचिंग, पुलिस को खुली चुनौती
