UPSC Topper Story: सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों युवा इसमें बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है. इस कठिन सफर में कई बार असफलताएं भी सामने आती हैं, जो हौसला तोड़ देती हैं. लेकिन, कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हार नहीं मानते और लगातार मेहनत करते रहते हैं. ऐसी ही कहानी है बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सिकंदरपुर के रहने वाले सिद्धार्थ कृष्णा की है. सिद्धार्थ कृष्णा ने UPSC की परीक्षा में 431वीं रैंक हासिल कर अपने जिले और परिवार का नाम रोशन किया है. खास बात यह है कि यह उनकी दूसरी सफलता है. इससे पहले भी सिद्धार्थ को यूपीएससी परीक्षा में 680वीं रैंक मिली थी. उस रैंक के आधार पर उनका चयन इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस (IA&AS) में हुआ था और फिलहाल वे शिमला में इसकी ट्रेनिंग ले रहे हैं.
दूसरी बार में 431वीं रैंक
सिद्धार्थ अपनी पहली रैंक से संतुष्ट नहीं थे. बेहतर रैंक और मनचाही सर्विस पाने के लक्ष्य के साथ उन्होंने तैयारी जारी रखी. उनकी यही लगन और लगातार मेहनत इस बार रंग लाई और उन्होंने 431वीं रैंक हासिल की. इस बार मिली रैंक के अनुसार, सिद्धार्थ का दावा है कि उन्हें इस बार पूरी उम्मीद है कि उन्हें IAS के तौर पर सेलेक्ट किया जाएगा.
IIT से इंजीनियरिंग और तीन अटेम्प्ट
सिद्धार्थ की पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की. हालांकि, शुरुआती तीन परीक्षा में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा. लेकिन उन्होंने इन असफलताओं को अपनी कमजोरी नहीं बनने दी और तैयारी जारी रखी और इस बार उनको उनकी सफलता मिल गयी.
पापा DSP और नाना SI से रिटायर
सिद्धार्थ के फैमिली बैकग्राउंड की बात करें तो उनका परिवार भी प्रशासनिक सेवा से जुड़ा रहा है. उनके पापा महेश प्रसाद यादव बिहार पुलिस में डीएसपी हैं और फिलहाल बेगूसराय में तैनात हैं. वहीं उनके नाना पंचम राय भी बिहार पुलिस में एसआई के पद से रिटायर हो चुके हैं.
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