शिक्षक संघ की मांग : सहायक प्राध्यापकों को पीठासीन नहीं, मजिस्ट्रेट का कार्य दें

शिक्षक संघ की मांग : सहायक प्राध्यापकों को पीठासीन नहीं, मजिस्ट्रेट का कार्य दें

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में विश्वविद्यालय के क्षेत्र में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों को पीठासीन पदाधिकारी बनाए जाने के निर्णय पर बुस्टा (शिक्षक संघ) ने आपत्ति जताई है. संगठन ने शुक्रवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर इस संबंध में आवश्यक संशोधन की मांग की. बुस्टा महासचिव प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता ने ज्ञापन में कहा कि सहायक प्राध्यापक अपने पद और वेतनमान के हिसाब से राज्य सरकार के प्रथम श्रेणी के राजपत्रित पदाधिकारी के समतुल्य माने जाते हैं. उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि सहायक प्राध्यापकों को उनके पद और प्रतिष्ठा के अनुरूप ही चुनाव कार्य में लगाया जाना चाहिए. संगठन ने याद दिलाया कि विगत लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को पेट्रोलिंग, स्टैटिक, सेक्टर मजिस्ट्रेट, माइक्रो आब्जर्वर जैसे प्रशासनिक दायित्व दिए गए थे.

बुस्टा ने अनुरोध किया है कि आगामी चुनाव में भी सहायक प्राध्यापकों को उनके पद और वेतनमान के अनुरूप ही प्रशासनिक कार्य संबंधी दायित्व दिया जाए. उन्हें चुनाव कार्य से मुक्त रखा जाए, क्योंकि उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने की स्वतंत्रता प्राप्त है. ज्ञापन सौंपने वालों में बुस्टा महासचिव के साथ लंगट सिंह महाविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव डॉ. राजीव कुमार और रामेश्वर महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. शारदानन्द सहनी व डॉ. गोवर्धन सिंह शामिल रहे.

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