पीएचइडी ने पंचायती राज विभाग से मांगी मदद, 76 नए स्थलों पर भी संकट
मुजफ्फरपुर.
””””हर घर नल का जल”””” योजना मुजफ्फरपुर में जमीन की कमी के कारण अधर में लटक गई है. सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने जिला पंचायती राज अधिकारी से तीन प्रखंडों के चार वार्डों में जमीन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है. इन वार्डों में सरकारी जमीन की अनुपलब्धता के चलते योजना का काम ठप पड़ा है.पीएचइडी ने पंचायतों के छूटे टोलों में 76 नये स्थलों पर योजना शुरू करने की तैयारी की है, लेकिन यहां भी जमीन की समस्या आ रही है. पारू प्रखंड के ग्यासपुर, मोतीपुर के बरूराज पूर्वी और कुढ़नी के तुर्की पंचायत के कुछ विशेष टोलों में जमीन की सख्त आवश्यकता है.
कार्यपालक अभियंता ने पंचायती राज अधिकारी से इन टोलों में जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि इन क्षेत्रों के निवासियों को भी ””””नल जल”””” योजना का लाभ मिल सके.अनुरक्षकों के भुगतान में आनाकानी
पीएचईडी ने जिला पंचायती राज अधिकारी से अनुरक्षकों और जमीन दाताओं के मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराने का भी अनुरोध किया है. बोचहां और कटरा के कुछ वार्डों में वार्ड सदस्य और सचिव भुगतान में आनाकानी कर रहे हैं, जबकि प्रबंधन समिति के खातों में धनराशि पहले ही हस्तांतरित की जा चुकी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
